पटना 06 जून 2026

बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण एवं छात्र-केंद्रित बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में स्थापित किए जा रहे मॉडल विद्यालय बिहार की शिक्षा व्यवस्था में एक नए युग की शुरुआत करेंगे और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराएंगे।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि मॉडल विद्यालय केवल भौतिक आधारभूत संरचना तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि यहां विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लासरूम, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय, डिजिटल शिक्षण संसाधन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन विद्यालयों का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों के बीच शैक्षणिक असमानता को कम करते हुए सभी को समान अवसर प्रदान करना है।

श्री तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार और नवाचार के लिए प्रतिबद्ध है। मॉडल विद्यालय विद्यार्थियों को आधुनिक ज्ञान, कौशल और प्रतिस्पर्धी क्षमताओं से सुसज्जित कर उन्हें राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर की चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल विद्यालयों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। मॉडल विद्यालय उत्कृष्ट शिक्षण व्यवस्था के केंद्र बनेंगे और राज्य के अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणास्रोत साबित होंगे।

शिक्षा मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में मॉडल विद्यालयों की अवधारणा बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक एवं दूरगामी बदलाव लाएगी तथा राज्य को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

श्री तिवारी ने कहा, “मॉडल विद्यालयों के माध्यम से हम ऐसी शिक्षा व्यवस्था का निर्माण कर रहे हैं, जहां हर बच्चे को बेहतर अवसर, बेहतर संसाधन और उज्ज्वल भविष्य प्राप्त हो सके। यह पहल बिहार की शैक्षणिक प्रगति का मजबूत आधार बनेगी।”

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