पटना 07 जुलाई 2026
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने मंगलवार को लोकनायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल का निरीक्षण कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, साफ-सफाई, उपचार व्यवस्था तथा मरीजों को दी जा रही सेवाओं का जायजा लिया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि भी उनके साथ मौजूद रहे।

निरीक्षण की शुरुआत स्वास्थ्य मंत्री ने ट्रॉमा सेंटर से की, जहां उन्होंने भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा इलाज और अस्पताल की सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने मरीजों एवं उनके परिजनों की शिकायतें भी सुनीं और अस्पताल प्रशासन को साफ-सफाई की व्यवस्था में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए।
इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने वार्ड, ओपीडी और पुरुष शौचालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने मरीजों के ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और अन्य पैथोलॉजी जांच में हो रही देरी पर भी चिंता व्यक्त करते हुए पैथोलॉजी विभाग को 24 घंटे संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही लैब टेक्नीशियन और पैरामेडिकल कर्मियों की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रस्ताव विभाग को भेजने को कहा।
निरीक्षण के दौरान सामने आई विभिन्न कमियों और अव्यवस्थाओं पर स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के निदेशक डॉ. राकेश कुमार चौधरी को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरीजों की सुविधा और उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल की ओपीडी व्यवस्था, डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की भी समीक्षा की। इस दौरान स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों को बिना एप्रन के कार्य करते पाया, जिस पर उन्होंने उन्हें निर्धारित ड्रेस कोड का अनिवार्य रूप से पालन करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने इमरजेंसी वार्ड के बाहर मरीजों के परिजनों से भी बातचीत कर अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के संबंध में फीडबैक लिया। इसके बाद उन्होंने दवा वितरण केंद्र का निरीक्षण कर दवाओं की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा की।

इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन 400 बेड वाले नए अस्पताल भवन का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एमआरआई जांच केंद्र का जायजा लेकर वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान बीएमएसआईसीएल के प्रबंध निदेशक सुब्रत कुमार सेन ने उन्हें बताया कि नए भवन का निर्माण कार्य अगस्त 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा तथा सितंबर 2026 से यह भवन पूरी तरह संचालित होने लगेगा। वहीं, माननीय मंत्री ने मरीज की शिकायत पर ओपीडी वार्ड में एयर कंडीशनर (AC) काम नहीं किये जाने पर उसे दुरुस्त करने का निर्देश दिया है।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने मरीजों को भोजन उपलब्ध कराने वाली कैंटीन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, वितरण व्यवस्था तथा मरीजों को दिए जा रहे भोजन के संबंध में विस्तृत जानकारी ली और निर्देश दिया कि मरीजों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन समय पर उपलब्ध कराया जाए।
अंत में स्वास्थ्य मंत्री निशांत और स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने अस्पताल के निदेशक के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में अस्पताल में प्राप्त शिकायतों, कमियों तथा पारा मेडिकल स्टाफ की कमी की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। स्वास्थ्य मंत्री ने निदेशक को निर्देश दिया कि अस्पताल में अनियमितताओं को शीघ्र दूर किया जाए तथा रेडियोलॉजिस्ट, लैब टेक्नीशियन, पैरामेडिकल स्टाफ एवं अन्य आवश्यक स्वास्थ्यकर्मियों की रिक्तियों की सूची तैयार कर विभाग को उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यक नियुक्ति एवं प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जा सके।
निरीक्षण के दौरान बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए वरिष्ठ सर्जन डॉ. आर.के. रौशन से स्वास्थ्य मंत्री ने फोन पर बातचीत की लेकिन जवाब संतोषप्रद नहीं दिये जाने पर उन्हें विभागीय स्तर पर शो-कॉज किया गया है। वहीं, अस्पताल के न्यूरोसर्जन डॉ श्याम किशोर द्वारा मरीज के पुर्जे पर बाहरी जांच लिखे जाने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया।
औचक निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि, बीएमएसआईसीएल के प्रबंध निदेशक सुब्रत कुमार सेन, स्वास्थ्य मंत्री के आप्त सचिव कौशलेंद्र कुमार, एलएनजेपी अस्पताल के निदेशक डॉ. राकेश कुमार चौधरी तथा स्वास्थ्य विभाग एवं अस्पताल प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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