पटना 22 अगस्त 2026
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के राज्य मंत्री रामदास अठावले ने अपने पटना दौरे के दौरान आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की एनडीए सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ समाज के सभी वर्गों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है कि समाज के वंचित, पिछड़े और उपेक्षित वर्गों को आरक्षण तथा विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके।

श्री अठावले ने कहा कि समाज के पिछड़े एवं उपेक्षित वर्गों को मुख्यधारा में लाने और उन्हें विकास के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए आरक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका है। केंद्र सरकार महिलाओं सहित समाज के सभी वंचित एवं कमजोर वर्गों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार की नीतियों का उद्देश्य सामाजिक न्याय के साथ-साथ अवसरों की समानता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 में सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल विकास, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण, कृषि, ग्रामीण विकास, अल्पसंख्यक कल्याण, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा श्रम एवं रोजगार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। बजट आवंटन में हुई वृद्धि से समाज के विभिन्न वर्गों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण, रोजगार सृजन, ग्रामीण विकास और समावेशी विकास को गति मिलेगी।

पेपर लीक के मुद्दे पर श्री अठावले ने कहा कि सरकार इस विषय को लेकर बेहद गंभीर है और दोषियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध उचित कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर भी इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के हितों से जुड़े विषयों पर राजनीति करने के बजाय सभी राजनीतिक दलों को उनके भविष्य और हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी, अभिजीत दीपके और अरविंद केजरीवाल पर राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दों से भटकाने का आरोप लगाया और कहा कि समाज का युवा ‘कॉकरोच’ नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों के हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है। पेपर लीक के मामले में कार्रवाई दोषियों के विरुद्ध की जा रही है, जबकि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के संबंध में किसी प्रकार का मामला दर्ज नहीं किया गया है। लाठीचार्ज की घटना को लेकर जांच चल रही है और जांच के निष्कर्ष के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
श्री अठावले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का लक्ष्य समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण, कृषि, ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए बजट में किए गए प्रावधान इस प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र के साथ एक समावेशी, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के बजट में वृद्धि
राज्य मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का कुल बजट आवंटन 15,357.31 करोड़ रुपये है, जिसमें पिछले आवंटन की तुलना में 2,662.97 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है। इसमें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के लिए 13,687.59 करोड़ रुपये तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के लिए 1,669.72 करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल है।

अनुसूचित जाति कल्याण के लिए 1,96,400.37 करोड़ रुपये का प्रावधान
श्री अठावले ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए 1,96,400.37 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसमें पिछले वर्ष की तुलना में 35,195.27 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जनजातीय कार्य मंत्रालय के बजट में 4,597.79 करोड़ रुपये की वृद्धि
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में जनजातीय कार्य मंत्रालय के लिए 15,421.97 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जिसमें 4,597.79 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। वहीं, अनुसूचित जनजाति कल्याण के लिए 1,41,088.60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें 17,653.53 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है।
अल्पसंख्यक कल्याण एवं एमएसएमई को भी प्राथमिकता
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 3,400 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिसमें 1,239.55 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। वहीं, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के लिए 24,566.27 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जिसमें 12,470.29 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है। श्री अठावले ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
महिला एवं बाल विकास को प्राथमिकता
श्री अठावले ने कहा कि महिला सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। वित्त वर्ष 2026-27 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के लिए 28,183.06 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3,809.15 करोड़ रुपये अधिक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए बजट में किया गया यह प्रावधान समावेशी विकास को मजबूत करेगा।
कृषि और ग्रामीण विकास पर विशेष जोर
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 1,40,528.78 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिसमें 7,158.65 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। इसी प्रकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के लिए 8,270.13 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। उपलब्ध प्रेस ब्रीफ के अनुसार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के बजट में 1,97,023.14 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्शाई गई है।
श्रम एवं रोजगार क्षेत्र के लिए बजट में उल्लेखनीय वृद्धि
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 32,666.31 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिसमें 19,978.26 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसरों का विस्तार और श्रमिकों का कल्याण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
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