नई दिल्ली 06 सितम्बर 2026
विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) ने रविवार को पटना में ‘इन्फ्लुएंसर्स कॉन्क्लेव – पूर्वी क्षेत्र 2026’ का आयोजन किया। इस कॉन्क्लेव में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य ऊर्जा दक्षता, ऊर्जा संरक्षण और सतत जीवनशैली से जुड़े विषयों पर जनसंवाद को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाना था।

पटना के होटल मौर्या में आयोजित यह कॉन्क्लेव आगामी 36वें राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार (NECA) 2026 की पूर्व गतिविधि के रूप में आयोजित किया गया। राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार समारोह 14 दिसंबर, ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर आयोजित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य डिजिटल क्रिएटर समुदाय की व्यापक पहुँच और रचनात्मकता का उपयोग करते हुए ऊर्जा दक्षता से जुड़े संदेशों को आम नागरिकों के लिए अधिक सरल, प्रासंगिक और व्यवहार में अपनाने योग्य बनाना है।
बीईई के महानिदेशक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कॉन्क्लेव को संबोधित किया और ऊर्जा दक्षता एवं ऊर्जा संरक्षण को आगे बढ़ाने में प्रभावी संचार और जनसंवाद की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए बीईई के महानिदेशक के.सी. पाणिग्रही ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण और ऊर्जा दक्षता के लिए केवल नीतियाँ और तकनीक ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि इस विषय पर निरंतर जनसंवाद भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा, “जब कोई संदेश सही तरीके से लोगों तक पहुँचता है, तो वह केवल जागरूकता पैदा नहीं करता, बल्कि व्यवहार को भी प्रभावित करता है। देश में लाखों सक्रिय डिजिटल क्रिएटर्स हैं और कंटेंट क्रिएटर्स एवं इन्फ्लुएंसर्स महत्वपूर्ण संदेशों को व्यापक और विविध वर्गों तक पहुँचाने की क्षमता रखते हैं।”

महानिदेशक ने बताया कि डिजिटल मीडिया की बढ़ती भूमिका और लोगों के व्यवहार पर उसके प्रभाव को देखते हुए बीईई ने वर्ष 2025 में पहली बार NECA के अंतर्गत ‘सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स एवं कंटेंट क्रिएटर्स’ श्रेणी की शुरुआत की थी। इन्फ्लुएंसर्स कॉन्क्लेव 2026 इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए क्षेत्रीय डिजिटल क्रिएटर्स को ऊर्जा दक्षता अभियान से जोड़ने का प्रयास है।
कॉन्क्लेव के दौरान राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार (NECA) की विरासत और उसके प्रभाव पर प्रस्तुति दी गई। साथ ही NECA पंजीकरण पोर्टल का प्रदर्शन किया गया और NECA 2025 के विजेताओं से संबंधित वीडियो भी प्रदर्शित किए गए। कार्यक्रम ने इन्फ्लुएंसर्स को एक संवादात्मक मंच प्रदान किया, जहाँ डिजिटल कंटेंट के माध्यम से ऊर्जा दक्षता से जुड़ी आदतों और व्यवहारों को प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुँचाने के तरीकों पर चर्चा हुई।
कॉन्क्लेव में बीईई के अधिकारियों अजय त्रिपाठी, शैलेंद्र सिंह और अनिल शर्मा ने भी भाग लिया। उन्होंने उपस्थित इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के साथ ऊर्जा दक्षता एवं ऊर्जा संरक्षण के विषयों को व्यापक जनसमुदाय तक पहुँचाने तथा डिजिटल माध्यमों के जरिए लोगों की भागीदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर संवाद किया।
वर्ष 2026 की इन्फ्लुएंसर श्रेणी के लिए बीईई द्वारा निर्धारित पाँच प्रमुख विषयों पर विशेष रूप से चर्चा की गई:
– स्मार्ट कुकिंग – इंडक्शन अपनाएँ
– स्मार्ट कूलिंग – एसी का तापमान 24°C या उससे अधिक रखें
– ऊर्जा दक्ष उपकरणों का चयन करें
– रोजमर्रा के जीवन में ऊर्जा के स्मार्ट विकल्प अपनाएँ
– इलेक्ट्रिक वाहन (EV) एवं सतत परिवहन
इन विषयों का उद्देश्य ऊर्जा दक्षता को नागरिकों के रोजमर्रा के निर्णयों और उपभोक्ता व्यवहार से सीधे जोड़ना है।
कॉन्क्लेव में इस बात पर भी जोर दिया गया कि कंटेंट क्रिएटर्स तकनीकी जानकारियों को सरल और सहज भाषा में प्रस्तुत करने, विविध वर्गों तक पहुँच बनाने, ऊर्जा-सचेत विकल्पों को रोजमर्रा की जीवनशैली से जोड़ने और लोगों को जागरूकता से आगे बढ़कर वास्तविक बदलाव के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
बीईई के अधिकारियों और कार्यक्रम में शामिल डिजिटल क्रिएटर्स ने भविष्य में सहयोग की संभावनाओं तथा ऊर्जा दक्षता अभियान में क्रिएटर समुदाय की अधिक भागीदारी पर भी चर्चा की। यह पहल वर्ष 2025 में बीईई द्वारा इन्फ्लुएंसर्स के साथ शुरू किए गए संवाद को आगे बढ़ाती है, जब NECA के अंतर्गत सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स एवं कंटेंट क्रिएटर्स की श्रेणी पहली बार शुरू की गई थी।
महानिदेशक ने क्रिएटर्स से अपनी रचनात्मकता और डिजिटल पहुँच का उपयोग करते हुए ऊर्जा संरक्षण को रोजमर्रा की बातचीत का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने डिजिटल क्रिएटर्स को NECA 2026 की ‘सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स एवं कंटेंट क्रिएटर्स’ श्रेणी में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा, “आपका कंटेंट केवल एक Reel नहीं है; वह किसी व्यक्ति के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम भी बन सकता है।” उन्होंने ऊर्जा-सुरक्षित और सतत भविष्य के निर्माण में डिजिटल क्रिएटर्स की संभावित भूमिका को रेखांकित किया।
इन्फ्लुएंसर्स कॉन्क्लेव 2026 बीईई द्वारा डिजिटल क्रिएटर समुदाय के साथ जुड़ाव का दूसरा वर्ष है। इसका उद्देश्य ऊर्जा दक्षता से जुड़े संवाद को पारंपरिक जागरूकता अभियानों से आगे ले जाकर नागरिकों को इस अभियान में सक्रिय भागीदार बनाना है।
कॉन्क्लेव का समापन क्रिएटर्स से “संवाद शुरू करें, विकल्पों को प्रेरित करें और बदलाव को गति दें” (Create Conversations, Inspire Choices and Drive Change) के आह्वान के साथ हुआ, ताकि वे भारत को अधिक ऊर्जा-दक्ष और सतत भविष्य की ओर ले जाने वाली यात्रा में सक्रिय योगदान दे सकें।
ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) के बारे में
भारत सरकार ने ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 के प्रावधानों के अंतर्गत 1 मार्च 2002 को ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) की स्थापना की। ऊर्जा दक्षता ब्यूरो का मिशन स्व-नियमन और बाजार आधारित सिद्धांतों पर बल देते हुए ऊर्जा दक्षता से संबंधित नीतियों और रणनीतियों के विकास में सहायता करना है।
बीईई का एक प्रमुख उद्देश्य भारतीय अर्थव्यवस्था की ऊर्जा तीव्रता को कम करना है। इसके लिए ब्यूरो नामित उपभोक्ताओं, नामित एजेंसियों तथा अन्य संगठनों के साथ समन्वय करता है। अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित दायित्वों को पूरा करने के लिए बीईई उपलब्ध संसाधनों और बुनियादी ढाँचे की पहचान कर उनका प्रभावी उपयोग करता है। अधिनियम में नियामक एवं प्रोत्साहन संबंधी कार्यों का भी प्रावधान है।
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