पटना 06 सितम्बर 2026
रविवार को आरा, भोजपुर में जदयू का ‘‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम के तहत पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा एवं प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों – बक्सर, भोजपुर, सारण, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार – में संवाद करेंगे, जो इस संधि के कारण सबसे अधिक प्रभावित हैं। इस जन-जागरुकता अभियान का शुभारंभ 5 सितंबर को बक्सर से हुआ, जबकि समापन कटिहार में होगा क्योंकि बिहार में गंगा बक्सर से प्रवेश करती है और कटिहार से निकलती है।

इस मौके पर आरा के धनपुरा स्थित ग्रैंड रिसाॅर्ट में आयोजित भव्य कार्यक्रम में विधान परिषद् में सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी, मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा, विधायक राधाचरण साह, पार्टी की प्रदेश महासचिव और कार्यक्रम प्रभारी अंजुम आरा, कार्यकारी जिलाध्यक्ष भीम पटेल सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारीगण और हजारों की संख्या में कार्यकर्तागण मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान इस विषय पर पार्टी द्वारा तैयार की गई डाॅक्यूमेट्री फिल्म खास तौर से दिखाई गई। साथ ही विस्तृत जानकारी वाला पम्फलेट भी बांटा गया

अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई यह संधि भारत के, खासकर बिहार के हित में नहीं है, इसलिए इसका नवीनीकरण नहीं होना चाहिए और अगर कोई संधि होती भी है तो बिहार की वर्ष 2050 तक की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस जल संधि के कारण बिहार का जल-प्रबंधन बुरी तरह बिगड़़ा है और हम गंभीर जल-संकट का सामना कर रहे हैं ।

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