नई दिल्ली 08 सितम्बर 2026
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे 10 सितंबर 2026 को देवनहल्ली, बेंगलुरु, कर्नाटक में प्रौद्योगिकी केंद्र का उद्घाटन करेंगी । उद्घाटन समारोह में कर्नाटक के बृहत्तर बेंगलुरु विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री कृष्ण बायरे गौड़ा तथा कर्नाटक के ही लघु उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्री विजयानंद काशप्पनवर सहित एमएसएमई मंत्रालय और कर्नाटक सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और अन्य स्थानीय हितधारक उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन समारोह के दौरान एक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जिसमें एयरोस्पेस तथा इलेक्ट्रॉनिक्स प्रणाली डिजाइन एवं विनिर्माण (ईएसडीएम) क्षेत्रों में भारतीय एमएसएमई के योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा।

प्रौद्योगिकी केंद्रों का नेटवर्क-
एमएसएमई के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने तथा उनकी प्रोद्योगिकीय क्षमताओं और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के उद्देश्य से एमएसएमई मंत्रालय देशभर में प्रौद्योगिकी केंद्रों (टीसी) का एक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क संचालित करता है। पिछले वर्षों में इन केंद्रों ने एमएसएमई को प्रौद्योगिकी विकास, उद्योग-स्तरीय प्रशिक्षण, डिजाइन, प्रोटोटाइप निर्माण, परीक्षण तथा उत्पादन सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

एमएसएमई को सहायता प्रदान करने के अलावा ये केंद्र प्रोद्योगिकीय आत्मनिर्भरता, सतत औद्योगिक विकास और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी विनिर्माण इकोसिस्टम के राष्ट्रीय लक्ष्यों को भी आगे बढ़ा रहे हैं।
बेंगलुरु स्थित प्रौद्योगिकी केंद्र (टीसी) की प्रमुख विशेषताएं
- बेंगलुरु स्थित इस प्रोद्योगिकी केंद्र को केंद्रीय एमएसएमई मंत्रालय द्वारा कर्नाटक सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई 10 एकड़ भूमि पर 156 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित किया गया है। इस केंद्र में आधुनिक बुनियादी ढांचे के अंतर्गत प्रशिक्षण ब्लॉक, उत्पादन ब्लॉक, प्रशासनिक ब्लॉक, लड़कों और लड़कियों के लिए आवासीय सुविधाएं, कर्मचारियों के लिए आवास, कार्यकारी छात्रावास तथा अन्य सहायक सुविधाएं उपलब्ध हैं।

केंद्र का प्रमुख क्षेत्र इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और विनिर्माण (ईएसडीएम) है। अत्याधुनिक मशीनों और प्रयोगशालाओं से सुसज्जित यह केंद्र एमएसएमई को सरफेस-माउंट टेक्नोलॉजी (एमएमटी) लाइन, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, सीएनसी 5-एक्सिस और 3-एक्सिस मशीनों, इलेक्ट्रिक डिस्चार्ज मशीन (ईडीएम) जैसी उन्नत प्रोद्योगिकियों तक पहुंच प्रदान करेगा। साथ ही, यह एमएसएमई/उद्योगों की प्रोद्योगिकीय क्षमताओं, उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए परीक्षण प्रयोगशालाओं, डिजाइन सहायता और व्यावसायिक एवं तकनीकी सलाहकार सेवाओं के माध्यम से व्यापक सहायता प्रदान करेगा।
इस केंद्र के सेवाक्षेत्र में अग्रणी उद्योगों और संस्थानों का एक मजबूत इकोसिस्टम मौजूद है। इनमें मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक इंडिया, टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स, हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), नेशनल एयरोस्पेस लेबोरेटरीज (एनएएल), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (आईएसआरओ), एयरबस, बोइंग, फिलिप्स, विप्रो, जीई, सेंटम इलेक्ट्रॉनिक्स आदि शामिल हैं। इसके अलावा एयरोस्पेस, रक्षा, सेमीकंडक्टर डिजाइन, औद्योगिक स्वचालन और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में कार्यरत अनेक एमएसएमई भी इस इकोसिस्टम का हिस्सा हैं।

यह केंद्र युवाओं कोा कौशल प्रदान करने में भी योगदान देगा। इसके तहत एम्बेडेड सिस्टम डिजाइन, पीसीबी डिजाइन एवं असेंबली, स्वचालन एवं रोबोटिक्स, रखरखाव एवं मरम्मत आदि क्षेत्रों में उद्योग स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रोद्योगिकी केन्द्र प्रत्येक वर्ष 10,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने में सक्षम होगा।
बेंगलुरु स्थित इस प्रौद्योगिकी केंद्र की परिकल्पना उन्नत डिजाइन, प्रोटोटाइप निर्माण, उत्पादन, प्रशिक्षण और परामर्श सेवाओं के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक्स और एयरोस्पेस क्षेत्रों में एमएसएमई इकोसिस्टम को मजबूत करने वाली एक प्रमुख संस्था के रूप में की गई है। इस केन्द्र से कर्नाटक में रोजगार के अवसरों के सृजन और सतत आजीविका को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद है।
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