पटना 11 सितम्बर 2026
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी चिकित्सा एवं दंत महाविद्यालयों में पीजी पाठ्यक्रम में अध्ययनरत छात्रों के मानदेय में महत्वपूर्ण वृद्धि का निर्णय लिया है। यह निर्णय बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र को लगातार सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2026 से पीजी प्रथम वर्ष के छात्रों को ₹92,800, द्वितीय वर्ष को ₹1,02,000 तथा तृतीय वर्ष को ₹1,12,200 प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। इससे पूर्व मिलने वाली यह राशि क्रमशः ₹82,000, ₹90,200 एवं ₹99,220 प्रतिमाह थी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मानदेय में यह वृद्धि केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि राज्य के युवा चिकित्सकों के प्रति सरकार के सम्मान और उनके कठिन प्रशिक्षण एवं सेवाकाल के प्रति संवेदनशीलता का प्रमाण है। बेहतर आर्थिक सहयोग मिलने से पीजी छात्र अपने प्रशिक्षण और चिकित्सा सेवा पर और अधिक एकाग्रता के साथ कार्य कर सकेंगे।
निशांत कुमार ने कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ बेहतर चिकित्सक तैयार करना। चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, मेडिकल काॅलेजों में आधुनिक आधारभूत संरचना का विकास और पर्याप्त एवं दक्ष चिकित्सकीय मानव संसाधन तैयार करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने कहा कि बिहार में स्वास्थ्य क्षेत्र को आधुनिक, सुदृढ़ और जनोन्मुख बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि बिहार के मेडिकल काॅलेज न केवल बेहतर चिकित्सा शिक्षा के केंद्र बनें, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती देने वाले उत्कृष्ट संस्थान भी बनें।
पीजी छात्रों के मानदेय में यह वृद्धि युवा चिकित्सकों का मनोबल बढ़ाने और बिहार में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय मानवबल को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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