पटना, 23 सितम्बर 2026
राज्य में सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में संचालित 700 मॉडल स्कूलों के लिए एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। ये अधिकारी विद्यालय को गोद लेकर उसकी शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत संरचना और शिक्षण व्यवस्था की निगरानी करेंगे। इस संबंध में सभी जिलों को पत्र जारी किया जा चुका है।

बुधवार को शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन की अध्यक्षता में आयोजित आभासी बैठक में मॉडल स्कूलों की आधारभूत संरचना, शैक्षणिक गुणवत्ता और व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। बैठक में सभी जिलों के डीईओ एवं विभाग के वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
30 को मॉडल स्कूलों में हो रहे बदलाव का मुआयना
उन्होंने बताया कि 30 सितम्बर को अधिकारियों की टीम मॉडल स्कूलों का निरीक्षण करेगी। इस दौरान विद्यालयों में हो रहे बदलावों का मुआयना किया जाएगा। अधिकारी स्कूलों की आधारभूत संरचना, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए संचालित कोचिंग और अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। निरीक्षण से संबंधित फोटो एवं वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किए जाएंगे।
औचक दौरा करेंगे अधिकारी, जिलावार सूची तैयार
सचिव ने बताया कि मॉडल स्कूलों के औचक निरीक्षण के लिए अधिकारियों की जिलावार सूची तैयार कर ली गई है। ये अधिकारी कक्षाओं में जाकर यह जांचेंगे कि बच्चे क्या सीख रहे हैं और शिक्षण-अधिगम की प्रक्रिया किस प्रकार संचालित हो रही है।

प्रगति जांच के लिए हर मंगलवार को विषयवार टेस्ट, एक माह में चार विषयों का टेस्ट
श्री रौशन ने कहा कि मॉडल स्कूलों में विद्यार्थियों के नियमित मूल्यांकन के लिए हर मंगलवार को विषयवार टेस्ट आयोजित किया जाएगा। हर कक्षा के बोर्ड पर प्रश्न लिखे जाएंगे। इसके लिए अलग से प्रश्नपत्र जारी नहीं किया जाएगा। एक माह में चार विषयों का टेस्ट लिया जाएगा। शिक्षक उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कर विद्यार्थियों को फीडबैक देंगे, ताकि उनकी प्रगति का पता चल सके और आवश्यक सुधार किया जा सके। मंगलवार को अवकाश होने पर बुधवार को टेस्ट आयोजित किया जाएगा।
विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर
बैठक में हर कक्षा के विद्यार्थियों को मॉनिटर बनने का अवसर देने पर जोर दिया गया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को क्लास मॉनिटर बनाया जाएगा और उन्हें बैज प्रदान किया जाएगा। क्लास मॉनिटर को हर माह बदलने का प्रयास किया जाएगा। सभी क्लास मॉनिटर मिलकर स्कूल मॉनिटर का चयन करेंगे, जो पठन-पाठन के अलावा विद्यालय की अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में भी भाग लेंगे।
‘बेस्ट टीचर ऑफ द मंथ’ से शिक्षकों को मिलेगा प्रोत्साहन
सचिव ने बताया कि मॉडल स्कूलों के शिक्षकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित करने के लिए ‘बेस्ट टीचर ऑफ द मंथ’ चुने जाने की पहल की जाएगी। चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को बैज देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।
शिक्षकों के कक्षा में मोबाइल फोन ले जाने पर रोक
बैठक में शिक्षकों के कक्षा में मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया। शिक्षक अपना मोबाइल संदूक में रखकर ताला लगा सकेंगे, जिसकी चाबी उनके पास रहेगी। पहली कक्षा समाप्त होने और दूसरी कक्षा शुरू होने के बीच मिलने वाले समय में वे जरूरी फोन कॉल या संदेश देख सकेंगे। इसका उद्देश्य कक्षा में शिक्षकों का पूरा ध्यान पठन-पाठन पर केंद्रित करना है।
खेलकूद गतिविधियों को दिया जाएगा बढ़ावा, एथलेटिक्स पर फोकस
बैठक में मॉडल स्कूलों में खेलकूद गतिविधियों पर विशेष जोर देने का निर्देश दिया गया। विद्यार्थियों के लिए दौड़, लंबी कूद और ऊंची कूद जैसी एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों के माध्यम से कम लागत में विद्यार्थियों के शारीरिक विकास और खेल प्रतिभा को बढ़ावा दिया जाएगा।
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