पटना 07 फरवरी 2026

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एक दिवसीय बिहार दौरे पर आज पटना पहुँचे और बिहार विधान सभा के स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बिहार की धरती लोकतांत्रिक परंपराओं की जन्मस्थली रही है और यहाँ की विरासत ने देश की संसदीय व्यवस्था को वैचारिक आधार प्रदान किया है। श्री बिरला ने कहा कि सशक्त विधायक ही सशक्त लोकतंत्र की नींव है।

उन्होंने कहा कि जनता के विश्वास से सशक्त जनप्रतिनिधि समस्याओं को समाधान तक ले जाकर लोकतंत्र को ऊर्जा देते हैं और कानून निर्माण को सार्थक बनाते हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधायक की वास्तविक शक्ति नैतिक मूल्यों, जिम्मेदारी और संवैधानिक प्रक्रियाओं के ज्ञान से आती है।

उन्होंने कहा कि एक सक्षम विधायक शासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित बनाता है। श्री बिरला ने कहा कि PRIDE संस्थान विधायकों की क्षमता निर्माण का सशक्त मंच बन गया है और बदलते समय में प्रशिक्षण नए तथा अनुभवी दोनों विधायकों के लिए आवश्यक है। उन्होंने विधायी ड्राफ्टिंग, नियमों की समझ और शोध आधारित अनुभवों को गुणवत्तापूर्ण कानून निर्माण का आधार बताया।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन लोकतंत्र का मंदिर है और उसकी गरिमा बनाए रखना हर जनप्रतिनिधि का सर्वोच्च दायित्व है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा की आज हम देख रहे हैं की किस प्रकार सभागृहों की मर्यादा घट रही है। उन्होंने नारेबाजी, व्यवधान और वेल में आने जैसी प्रवृत्तियों से बचकर संवाद और तर्क के माध्यम से अपनी बात रखने की अपील की।

उन्होंने कहा की जिस विधानसभा के जन प्रतिनिधि संविधान को जानेंगे, हमारी लोकतंत्र की गरिमा को समझेंगें,सदन में सार्थक चर्चा करेंगे, वही विधानसभाएं सशक्त होंगी। श्री बिरला ने विधायकों से कहा कि वे ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों, किसानों, महिलाओं और युवाओं की आवाज़ को प्राथमिकता देकर सदन में उठाएँ। ताकी जन-जन की आवाज सदन तक पहूँचे और उसका त्वरित समाधान हो सके।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि नेवा (NeVA) प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिहार विधान सभा का डिजिटल होना बड़ी उपलब्धि है, जिससे कार्यवाही अधिक पारदर्शी और तथ्य आधारित होगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड और डेटा विधायकों को हर बहस में मजबूत प्रस्तुतिकरण करने में मदद करेंगे।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published.