पटना, 20 फरवरी 2026

भारतीय दूतावास कंबोडिया, केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय और बिहार पर्यटन के बीच बौद्ध सर्किट में पर्यटन बढ़ाने को लेकर शुक्रवार को एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कंबोडिया से हुई इस बैठक में मुख्य सचिवालय स्थित पर्यटन विभाग के कार्यालय में सचिव निलेश रामचंद्र देवरे, विशेष सचिव सह निदेशक उदयन मिश्रा, संयुक्त निदेशक राजेश रौशन सहित संबंधित विभागीय पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस बैठक में पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से सचिव श्री देवरे ने कंबोडिया सरकार के पदाधिकारियों, पर्यटन क्षेत्र के निवेशकों और अन्य हितधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार बौद्ध धर्म का सबसे प्रमुख केंद्र है, जहां भगवान बुद्ध को न केवल ज्ञान की प्राप्ति हुई बल्कि उन्होंने यहां से संपूर्ण विश्व की मानवता को भी आलोकित किया।

सचिव श्री देवरे ने रामपुरवा, लौरिया नंदनगढ़, अरेराज, केसरिया, वैशाली, पटना, भागलपुर, जहानाबाद के वाणावर, नालंदा, राजगीर और बोधगया में स्थित बौद्ध धर्म के प्रमुख केंद्रों की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार यहां पर्यटकीय सुविधाओं का सतत निर्माण कर रही है। बोधगया में कॉरिडोर निर्माण की योजना है, केसरिया में सभी स्तूपों की प्रतिकृति का निर्माण किया जा रहा है, वैशाली में सम्यक स्तूप का निर्माण किया गया है, पटना में पाटलिपुत्र करुणा स्तूप और विपश्यना केंद्र का निर्माण किया गया है, राजगीर में वेणुवन का सौंदर्यीकरण कराया गया है वहीं भागलपुर में विक्रमशिला विश्वविद्यालय का नए सिरे से निर्माण किया जा रहा है।

सचिव ने कहा कि कंबोडिया की जनसंख्या 1.80 करोड़ है, जिसमें बौद्ध धर्म की बहुलता है। कंबोडिया के पर्यटकों से बिहार के बौद्ध पर्यटन स्थलों में दस दिनों से लेकर तीस दिनों के भ्रमण योजना हेतु आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार का पर्यटन विभाग बोधगया में कंबोडियन फूड रेस्टोरेंट शुरू करने की योजना पर कार्य कर रहा है। हम कंबोडिया सरकार द्वारा शुरू की जाने वाली सभी प्रकार की गतिविधियों को पूरी तरह सहयोग देंगे चाहे वह फैम ट्रिप यात्राओं का आयोजन हो, मेगा इवेंट्स की योजना या फिर यात्रा-व्यापार मेलों में भागीदारी जैसे कार्य करने की पहल हो। उन्होंने कंबोडिया सरकार के साथ संयुक्त ब्रांडिग की योजना के साथ बिहार को जानो (Know Bihar Program) और अंकोरवाट से बोधगया जैसी पहल शुरू करने की इच्छा व्यक्त की। जिसपर कंबोडिया सरकार के प्रतिनिधियों ने सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दी।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published.