पटना, 02,मार्च, 2026

होली का त्योहार हर्षोल्लास के साथ शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए पुलिस महकमा ने चाक-चौबंद तैयारी कर ली है। इस बार जिला मुख्यालय के अलावा अनुमंडल स्तर पर भी अधिक से अधिक संख्या में क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) बनाकर तैनात किया जा रहा है। जिन जिलों या स्थानों पर पिछले वर्ष होली के मौके पर किसी तरह का दंगा-फसाद की घटना हुई है, उन स्थानों पर इस वर्ष खासतौर से चौकसी बरतते हुए क्यूआरटी की विशेष तैनाती की जाएगी। यह जानकारी एडीजी (विधि-व्यवस्था) पंकज कुमार दराद ने सोमवार को दी। वे पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। सभी जिलों को होली के दौरान किसी तरह की हरकत या हुड़दंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी तरह की हुड़दंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

एडीजी श्री दराद ने कहा कि होली के मौके पर अरवल, नवादा, गया जैसे जिलों में झूमटा जुलूस निकालने की परंपरा है। इसके मद्देनजर इन जिलों में खासतौर से चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इन जिलों में अतिरिक्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। बिना लाइसेंस के कोई जुलूस नहीं निकाला जाएगा। सभी थानों को जुलूस के रूट का भौतिक सत्यापन करने के बाद ही लाइसेंस जारी करने के लिए कहा गया है। पिछले वर्ष गया में 142, नवादा में 81 और अरवल में 12 झूमटा जुलूसों को लाइसेंस दिए गए थे।

अश्लील गाना और डीजे पर पूरी तरह रोक
उन्होंने कहा कि रमजान चल रहा है। ऐसे में होलिका दहन के लिए उपर्युक्त स्थान का चयन करने के साथ ही रंग-अबीर खेलने को लेकर भी ऐतिहात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। किसी स्थान पर तेज आवाज में डीजे बजाने खासकर अश्लील गाना बजाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। सभी जिलों को इससे संबंधित दिशा-निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। एडीजी ने कहा कि जिला और अनुमंडल स्तर पर वज्र वाहन, वाटर कैनन और लाठी पुलिसबल के साथ ही पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। इसके अलावा सभी जिलों को सोशल मीडिया पर खासतौर से चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। किसी तरह के आपत्तिजनक पोस्ट पर तुरंत सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।

पिछले वर्ष होली में हुई थी 50 घटनाएं
एडीजी श्री दराद ने बताया कि पिछले वर्ष होली के दौरान 50 घटनाएं घटी थी। इसमें सबसे ज्यादा रोहतास में 12, नवादा में 7, पटना में 6, मुंगेर में 2, सीतामढ़ी में 2 समेत अन्य जिलों में घटनाएं हुई थी। इसके मद्देनजर इन स्थानों पर खासतौर से चौकसी बरतने के लिए इस बार कहा गया है। सभी जिलों के कंट्रोल रूम को चौबीस घंटे अलर्ट करते हुए इसे सीधा पुलिस मुख्यालय के कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। ताकि हर छोटी से छोटी घटना पर नजर रखी जा सके।

फरवरी से अब तक की गई इतनी कार्रवाई
होली को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष फरवरी से अब तक बड़ी संख्या में कार्रवाई की गई है। 1 लाख 32 हजार 824 व्यक्तियों के खिलाफ बीएनएसएस की धारा-126 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की गई है। सीसीए की धारा-3 के तहत 265 लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम को प्रस्ताव भेजा गया है। फरवरी में हत्या के मामले में 379, डकैती में 63, लूट में 146, एससी-एसटी एक्ट में 309, अपहरण समेत अन्य कांड़ों में 5459 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 373 हथियार और 2186 कारतूस बरामद किए गए हैं। हाल में चलाए गए एस-ड्राइव के दौरान 94 हजार 674 वाहनों की जांच की गई। 10 हजार 593 वाहनों को समन कर 1 करोड़ 58 लाख 32 हजार रुपये से अधिक वसूले गए। 1918 वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। 53 हजार लीटर विदेशी और 70 हजार हजार लीटर से अधिक देशी शराब जब्त किए गए हैं।

इतनी संख्या में तैनात किए गए पुलिस बल
एडीजी ने कहा कि होली में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 12 कंपनी क्षेत्रीय रिजर्व बल, 35 कंपनी बीसैप, 18 हजार 822 नव-नियुक्त प्रशिक्षु सिपाही, 1600 राजगीर स्थित बिहार पुलिस अकादमी से पीटीसी प्रशिक्षु, 1168 पीटीसी प्रशिक्षु, 5100 गृह रक्षक और 3 कंपनी सीएपीएफ की तैनाती अलग-अलग जिलों या स्थानों पर आवश्यकता के अनुरूप की गई है।

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