पटना, 14 अक्टूबर 2026

गंगा देवी महिला महाविद्यालय, पटना, जो पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय की अंगीभूत इकाई है, में आत्महत्या रोकथाम विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला के दूसरे दिन प्राचार्य प्रोफेसर श्यामा रॉय की अध्यक्षता में चार गतिविधि-आधारित सत्रों का आयोजन किया गया। इन सत्रों में आत्महत्या की रोकथाम, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, संवेदनशील संवाद तथा संकटग्रस्त व्यक्तियों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया।

कार्यक्रम के विशेषज्ञ वक्ता डॉ. नरेन्द्र सिंह ठगुना, एसोसिएट प्रोफेसर, नेशनल कॉलेज, काठमांडू विश्वविद्यालय, नेपाल ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को आत्महत्या संबंधी विचारों, भावनात्मक संकट और सहयोग की आवश्यकता को समझने के तरीकों से अवगत कराया। समूह-आधारित गतिविधियों में प्रतिभागियों ने आत्महत्या के प्रति लोगों के दृष्टिकोण और इसके पीछे के संभावित मनोसामाजिक कारणों पर विचार-विमर्श किया।

डॉ. ठगुना ने काउंसलर के व्यवहार, हाव-भाव और संवाद के माध्यम से संकटग्रस्त व्यक्ति की पहचान करने तथा उसे उचित सहयोग प्रदान करने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने सपोर्ट केयर सेल की अवधारणा समझाते हुए बताया कि संकट के समय व्यक्ति को सहायता के लिए किन लोगों से संपर्क करना चाहिए। गुब्बारे से संबंधित गतिविधि के माध्यम से प्रतिभागियों को तनाव, भावनात्मक अनुभवों और दूसरों की परिस्थितियों के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया गया।

विशेषज्ञ ने मानसिक स्वास्थ्य सहायता में गोपनीयता, मित्रवत व्यवहार, विश्वास और सहानुभूतिपूर्ण संवाद के महत्त्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने आत्महत्या रोकथाम के लिए Look, Listen and Link तथा Connect, Communicate and Care जैसे सिद्धांतों की व्याख्या की। साथ ही, अमेरिका में प्रचलित QPR (Question, Persuade and Refer) मॉडल और मानसिक स्वास्थ्य साक्षरता पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद व्यक्ति को संवेदनशीलता के साथ सुनना, उसे सहयोग के लिए प्रेरित करना तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों तक पहुँचाना अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान में उचित परामर्श और आवश्यकतानुसार पेशेवर सहायता की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।

कार्यशाला के दूसरे दिन के कार्यक्रम में समापन सत्र भी आयोजित किया गया। इस सत्र में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर प्रोफेसर कीर्ति मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्राचार्य प्रोफेसर श्यामा रॉय ने सत्र की अध्यक्षता की तथा मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार प्रस्तुत किए। पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय की पीजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर मधु पांडेय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यशाला की आयोजन सचिव डॉ. रेणु कुमारी ने कार्यक्रम के संचालन एवं आयोजन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। समापन सत्र में सहायक प्राध्यापक, प्राचीन इतिहास विभाग, डॉ. तृप्ति राय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

कार्यशाला का उद्देश्य आत्महत्या रोकथाम के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना तथा जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए सहयोगपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण तैयार करना था। कार्यक्रम का आयोजन मनोविज्ञान विभाग की डॉ. रेणु कुमारी के नेतृत्व में किया गया। इसमें मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. रीता कुमारी, डॉ. आरती कुमारी, डॉ. शाम्भवी सहित अन्य शिक्षकों और प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता रही।

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