पटना 22 अक्टूबर 2026
बिहार विधान परिषद की 8 सीटों (4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों) के लिए कल यानी शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा ।चुनाव आयोग ने इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली है। बिहार विधान परिषद् के कुल आठ सीटों में 4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं ।मतदान सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक होगा।लगभग 5,32,847 से अधिक मतदाता प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे । सभी 4 स्नातक सीटों के लिए कुल 4,92,594 और 4 शिक्षक सीटों के लिए 40,253 मतदाता मतदान करेंगे।

4 स्नातक निर्वाचन क्षेत्र (सीट) पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी हैं तथा 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र(सीटें) पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण हैं ।
कल होने वाले बिहार विधान परिषद् के चुनाव में कुल 150 उम्मीदवार मैदान में हैं ।जिनमे स्नातक सीटों के लिए 90 और शिक्षक सीटों के लिए 60 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं ।

बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए कुल 933 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की चार सीटों पर 598 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की चार सीटों पर 335 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे।राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 4 लाख 40 हजार से अधिक मतदाता हैं, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए करीब 93 हजार मतदाता हैं। कुल मिलाकर 5.33 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। आयोग ने सभी मतदान केंद्रों पर बैलेट पेपर से मतदान कराने की व्यवस्था की है। पटना, दरभंगा, तिरहुत, कोसी स्नातक और पटना, दरभंगा, तिरहुत, सारण शिक्षक सीट पर चुनाव, 5.33 लाख मतदाता डालेंगे वोट, बैलेट पेपर से मतदान होगा।

मतदान को लेकर चुनाव आयोग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर मतदान प्रक्रिया तक, सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। चुनाव आयोग ने मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। सभी मतदान केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किए जाएंगे। संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती होगी। साथ ही वीडियोग्राफी और सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी।
आयोग ने सभी जिलाधिकारियों और एसपी को निर्देश दिया है कि मतदान के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो। मतदान के बाद मतपेटियों को स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा। मतगणना 28 अक्टूबर को होगी। इसी दिन तय हो जाएगा कि विधान परिषद में किसका दबदबा रहेगा।
बता दें कि विधान परिषद चुनाव को आम चुनाव जैसा शोर-शराबा नहीं होता, लेकिन इसका महत्व बहुत ज्यादा है। शिक्षक और स्नातक मतदाता पढ़े-लिखे होते हैं और उनका फैसला बिहार की राजनीति की दिशा तय करता है। कई सीटों पर कांटे की टक्कर होने की भी सम्भावना है।
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