पटना, 29 अक्टूबर 2026
“एक पेड़ माँ के नाम अभियान प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ-साथ मातृत्व, संवेदना और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व का बोध कराता है।” यह विचार बिहार विद्यापीठ के अध्यक्ष एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त वरिष्ठ पदाधिकारी विजय प्रकाश ने देशरत्न राजेंद्र प्रसाद शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय परिसर में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम के अवसर पर व्यक्त किया।

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के विशेष अभियान 6–2026 के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना, महाविद्यालय परिसर को हरित एवं आकर्षक बनाना तथा भावी शिक्षकों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण के दायित्व का बोध विकसित करना था।

पौधारोपण कार्यक्रम में बिहार विद्यापीठ के अध्यक्ष विजय प्रकाश, सचिव डॉ. राणा अवधेश, वित्त सचिव डॉ. नीरज सिन्हा, शिक्षा, संस्कृति एवं संग्रहालय की निदेशक डॉ. मृदुला प्रकाश, संयुक्त सचिव अवधेश के नारायण तथा महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य चन्द्रकान्त आर्य ने पौधे लगाकर अभियान के उद्देश्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापकों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
महाविद्यालय की पर्यावरण जागरूकता समिति की सदस्य रजनी रंजन, मंजरी चौधरी एवं सौरभ कुमार के समन्वय से आयोजित इस कार्यक्रम में बी.एड. प्रथम वर्ष के प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रशिक्षुओं की भागीदारी ने इस पहल को केवल पौधारोपण तक सीमित न रखकर पर्यावरणीय शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ने का अवसर प्रदान किया।

महाविद्यालय परिसर को अधिक हरा-भरा, सुंदर एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से गुलमोहर, अरेका पाम, मोरपंखी, गेंदा, गंधराज तथा अश्वगंधा सहित विभिन्न सजावटी एवं औषधीय पौधे लगाए गए। इन पौधों के माध्यम से परिसर की प्राकृतिक सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ औषधीय वनस्पतियों के महत्त्व के प्रति जागरूकता विकसित करने का प्रयास किया गया।
NCTE के विशेष अभियान-6 के अंतर्गत आयोजित यह गतिविधि पर्यावरणीय स्थिरता, हरित परिसर के विकास और जन-जागरूकता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सार्थक कदम है। कार्यक्रम के दौरान इस तथ्य पर बल दिया गया कि पौधा लगाना पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत है, उसकी नियमित देखभाल, सुरक्षा और समुचित विकास सुनिश्चित करना उसका वास्तविक दायित्व है।

शिक्षक समाज के निर्माण और भावी पीढ़ियों के दृष्टिकोण को आकार देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में शिक्षक-प्रशिक्षण संस्थानों में पर्यावरणीय गतिविधियों का विशेष महत्त्व है। पौधारोपण जैसे व्यावहारिक कार्यक्रम प्रशिक्षुओं को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने के साथ-साथ उनमें स्वच्छता, हरित जीवनशैली और सतत विकास के मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा देते हैं।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से मातृत्व के प्रति सम्मान और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता को एक साझा भावभूमि पर अभिव्यक्त किया गया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जिस प्रकार माँ जीवन का आधार है, उसी प्रकार प्रकृति समस्त जीव-जगत के अस्तित्व और विकास का आधार है। इसलिए प्रकृति की रक्षा करना केवल व्यक्तिगत रुचि नहीं, बल्कि सामूहिक और भावी पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।

बिहार विद्यापीठ एवं देशरत्न राजेंद्र प्रसाद शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय की यह पहल हरित परिसर के विकास, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा स्वच्छ, स्वस्थ और संतुलित पर्यावरण के निर्माण के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
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