पटना ,13 दिसंबर 2022

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा अनुशंसित नवनियुक्त पदाधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण – सह – उन्मुखीकरण कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यकम में मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने मुख्यमंत्री को हरित गुच्छ भेंटकर उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने सांकेतिक रूप से विभिन्न विभागों द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित ज्ञान भवन में आयोजित इस नियुक्ति पत्र वितरण – सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम में 9 विभागों के कुल 454 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सबसे पहले नियुक्ति पत्र पाने वाले नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज इस नियुक्ति पत्र वितरण – सह – उन्मुखीकरण कार्यक्रम में बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा 9 विभागों के अंतर्गत चयनित 454 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया है। इनमें खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के तहत 134 आपूर्ति निरीक्षक, ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत 119 ग्रामीण विकास पदाधिकारी, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अन्तर्गत 61 राजस्व पदाधिकारी, गृह विभाग के अन्तर्गत पुलिस उपाधीक्षक, जिला समादेष्टा, कारा अधीक्षक, प्रोबेशन अधिकारी के कुल 52, श्रम संसाधन विभाग के अंतर्गत 44 श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, परिवहन विभाग के अंतर्गत 30 अपर जिला परिवहन पदाधिकारी, वाणिज्य कर विभाग के अंतर्गत 9 राज्य कर सहायक आयुक्त, गन्ना उद्योग विभाग अंतर्गत 3 ईख पदाधिकारी एवं निर्वाचन विभाग के अंतर्गत 2 अवर निर्वाचन पदाधिकारी के पद पर नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आपका चयन किया गया है। आपके लिए उन्मुखीकरण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है जिसमें आपको प्रशासनिक कार्यों एवं दायित्वों के विषय में विस्तृत रूप से जानने एवं समझने का अवसर होगा । अधिकारियों को बिपार्ड के माध्यम ट्रेनिंग देने की व्यवस्था की गयी है। इसके बाद जिन स्थलों पर आपका पदस्थापन होगा, मुझे पूरा भरोसा है कि आपलोग अपने दायित्वों का निर्वहन भलीभांति करेंगे। आप सभी अपनी-अपनी भूमिका को अच्छे ढंग से निभाईयेगा ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में हमने यह घोषणा की थी कि बिहार में युवाओं के लिए 10 लाख नौकरी और 10 लाख रोजगार की व्यवस्था की जायेगी। इसके लिए बड़े पैमाने पर तैयारी की जा रही है। हमलोग शुरु से ही चाहते थे कि नियुक्ति तेजी से हो लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। मुख्य सचिव को हम कहेंगे कि यह काम तेजी से करायें। विभिन्न विभागों में तेजी से नियुक्ति को लेकर ही हमने तकनीकी कर्मियों के चयन के लिए तकनीकी सेवा आयोग, पुलिस अवर निरीक्षक की बहाली बिहार पुलिस सेवा आयोग, सिपाही चयन के लिए केंद्रीय सिपाही चयन पर्षद, महाविद्यालयों में नियुक्ति को लिए बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग का गठन किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमें काफी अच्छा लगा है। विभिन्न कार्यक्रमों में महिलाओं की उपस्थिति देखकर मुझे व्यक्तिगत रूप से काफी खुशी होती है। इस कार्यक्रम में इतनी बड़ी तादाद में महिलाओं को देखकर मुझे बेहद प्रसन्नता हो रही है। नये टेक्नोलॉजी के दौर में लोग पुरानी बातों को बहुत जल्द भूल जाते हैं। महिलाओं के विकास को लेकर बिहार में काफी काम किया गया है। 5वीं क्लास के स्कूलों में पढ़ाने के लिए हमने शिक्षकों की नियुक्ति में महिलाओं को 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया। राज्य की सभी सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 35 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया है। पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया जिसका परिणाम है कि बड़ी संख्या में महिलायें चुनकर आई हैं। बिहार देश का पहला राज्य था जिसने पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकाय के चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया। इसका अनुसरण कर कई राज्यों ने अपने-अपने राज्यों में इसे लागू किया। उन्होंने कहा कि आजकल बिहार में हो रहे अच्छे कामों की चर्चा बिहार के बाहर कहीं नहीं हो रही है। बिहार में लड़कियों के लिए शुरू की गयी साइकिल योजना की चर्चा पूरे देश ही नही बल्कि विदेशों में भी हुई थी लेकिन वर्ष 2014 के बाद एक-एक चीज को नियंत्रित कर लिया गया है। हमलोगों ने ही जीविका का नामकरण किया, उस समय की केंद्र सरकार ने इसे आजीविका का नाम दिया यानी बिहार की जीविका आ। बिहार की बातों को लोग अपनाते हैं लेकिन उसकी चर्चा नहीं करते। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2013 में पुलिस की बहाली में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया । आज बिहार पुलिस में 29 हजार महिलायें सेवारत हैं। बिहार में आज जितनी तादाद में महिलाएं पुलिस में पदस्थापित हैं उतनी देश के किसी अन्य राज्य में नहीं है। हमने तय कर दिया है बिहार के सभी थानों में महिला कर्मी की पोस्टिंग करनी है। हर थाना में महिलाओं के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि आप सभी पूरी बुलंदी के साथ सबका सम्मान करते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करियेगा । 15 अगस्त 2011 को हमने बिहार में लोक सेवाओं का अधिकार कानून लागू किया। इसके तहत अब तक करीब 31 करोड़ 65 लाख से अधिक सेवाएं प्रदान की गई है। इनमें 73 प्रतिशत लोगों ने जाति, आय, आवास प्रमाण पत्र आदि का लाभ प्राप्त किया है। अब 90 प्रतिशत से अधिक लोग इस सेवा का ऑनलाइन उपयोग कर रहे हैं। इसके बाद हमने वर्ष 2016 में लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम लागू किया। इसके तहत अब तक 12 लाख 70 हजार 179 प्राप्त आवेदनों में से करीब 12 लाख से अधिक आवेदनों का निष्पादन कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2015 में हमलोगों ने 7 निश्चय योजना घोषित की। इसके तहत बिहार में काफी कार्य कराये जा रहे हैं। इन सब चीजों का आप सभी विशेष रूप से ख्याल रखियेगा। वर्ष 2018 में अनुसूचित जाति-जनजाति के युवक-युवतियों में उद्यमिता का विकास करने एवं व्यवसाय करने में उनको मदद हेतु योजना की शुरुआत की गयी। इसके तहत 10 लाख रुपये की मदद दी जाती है। इसमें 5 लाख रुपये अनुदान जबकि 5 लाख रुपये ब्याज मुक्त ऋण के रुप में उपलब्ध कराया जाता है। वर्ष 2020 में इस योजना में अति पिछड़े वर्ग के लोगों को भी शामिल कर लिया गया। अब सभी वर्गों एवं धर्मों की महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल रहा है। बाकी बचे लोगों को भी इस योजना में शामिल करते हुए 5 लाख रुपये का अनुदान जबकी 5 लाख रुपये एक प्रतिशत की ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। बड़ी संख्या में लोग इसका लाभ ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में सड़क, पुल-पुलियों एवं सरकारी भवनों का निर्माण के साथ ही उसका मेटेनेंस भी किया जा रहा है। इसको लेकर अब टेंडर नहीं होगा बल्कि कंसर्न डिपार्टमेंट के द्वारा ही मेटेनेंस का कार्य कराया जायेगा। इसके लिए आवश्यकतानुरूप पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त पदाधिकारियों से आह्वान करते हुए कहा कि आपलोग अपना-अपना कार्य पूरी मजबूती से कीजिएगा। आप सभी ने हाथ उठाकर अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी एवं निष्पक्षता के साथ करने का संकल्प लिया है। कुछ लोग गड़बड़ करने वाले होते हैं। जब सरकार इतना दे रही है तो बायें- दायें करने की जरुरत नहीं है। आप लोग इधर-उधर का काम मत कीजिएगा। बिहार पिछड़ा राज्य है, अगर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिल जाता तो बिहार और आगे बढ़ जाता। आप सभी जनहित में पूरी मजबूती के साथ काम करियेगा तो इसका लाभ लोगों को मिलेगा। इससे समाज और बिहार आगे बढ़ेगा, कोई गरीब नहीं रहेगा। हमलोग हर क्षेत्र में विकास का काम कर रहे हैं ताकि सबका विकास हो सके। आप लोगों को मैं पुनः अपनी शुभकामनाएं देता हूं।

कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, वित्त वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री सह गन्ना उद्योग मंत्री आलोक कुमार मेहता, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह, परिवहन मंत्री शीला कुमारी, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी एवं सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव बी0 राजेन्दर ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ब्रजेश मेहरोत्रा, अपर मुख्य सचिव गृह चैतन्य प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ, प्रधान सचिव ग्रामीण विकास विभाग अरविंद कुमार चौधरी, सचिव खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग विनय कुमार, सचिव लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग जितेन्द्र श्रीवास्तव, सचिव गन्ना उद्योग नर्मदेश्वर लाल, सचिव परिवहन पंकज कुमार पाल, सचिव वाणिज्य कर विभाग प्रतिमा एस० वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, सचिव ग्रामीण विकास विभाग बाला मुरुगन डी०, जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं नियुक्ति पत्र पाने वाले विभिन्न विभागों के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

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