पटना 01 सितम्बर 2024

अखिल भारतीय श्री राम नाम जागरण मंच के तत्वावधान में 11 दिवसीय श्री राम कथा एवं पर्यावरण सुरक्षा यज्ञ मजिस्ट्रेट कॉलोनी, आशियाना नगर, पटना में आज शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलन श्री गोपाल नारायण सिंह पूर्व राज्यसभा सांसद एवं कुलाधिपति, गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय, सासाराम के हाथों कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम कथा व्यास अयोध्या धाम से पधारे श्री राम कथा के सरस एवं सरल गायक पूज्य संत श्री रमेश भाई शुक्ला जी के द्वारा श्री राम कथा की अमृतमई वर्षा की गई। पूज्य महाराज श्री ने बताया कि राम जी का आचरण जन जन तक पहुंचाना ही अखिल भारतीय श्री राम नाम जागरण मंच का संकल्प है।

इस संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए भारत के अन्य अन्य प्रदेशों में भी विगत कई वर्षों से कार्यक्रम चल रहे हैं। इसी कड़ी में इस बार पटना की पावन धरा पर श्री राम कथा का आयोजन हुआ है। पूज्य महाराज श्री कथा प्रसंग का बखान करते हुए कहते हैं की श्रद्धा और विश्वास का मिलन ही सृष्टि की उत्पत्ति का कारक है। जहां पर श्रद्धा रूपी माता पार्वती एवं विश्वास के स्वरुप भगवान शिव हैं।

कथा प्रसंग में महाराज श्री ने बखान करते हुए बताया की जीवन का उद्देश्य सुख शांति और आनंद की प्राप्ति है। सुख शांति और आनंद परमानंद ब्रह्मानंद श्री राघवेंद्र सरकार के पावन चरणों में बैठकर ही मिलता है। श्री राम कथा को जीवन में उतारे। जिस दिन से राम कथा अथवा राम जी का आचरण भारत के प्रत्येक प्राणी मात्र के जीवन में उतर जाएगा उसे दिन पूरा समाज में जितनी भी समस्याएं हैं वह समाप्त हो जाएंगे। अतः राम जी के आचरण को अपने जीवन में धारण करें। शास्त्रों में वर्णन है राम स्वयं धर्म के स्वरूप हैं। सनातन से अगर राम को निकाल दिया जाए तो सनातन पूर्ण रूप से शून्य हो जाता है। ऐसी स्थिति में राम जी की कथा हमको आचरण की शिक्षा प्रदान करती है। हमें कैसा जीवन जीना है, हमें कैसे व्यवहार करना है, सब सीखना है तो राम जी की कथा में आना पड़ेगा। यूं कहा जाए तो राम कथा एक सार्वभौमिक विश्वविद्यालय है जहां पर आचरण की शिक्षा प्राप्त होती है।

श्री राम कथा के संयोजक अखिल भारतीय श्री राम नाम जागरण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित निर्मल शास्त्री अयोध्या धाम से पधारे हैं। उनके द्वारा यह बताया गया कि आज से प्रारंभ होकर के लगातार 11 दिवस तक भगवान की पावन कथा चलेगी। इस कथा में समस्त भक्तजनों के लिए कथा उपरांत भोजन प्रसाद की पूर्ण रूप से व्यवस्था की गई है। प्रातः काल की बेला में पर्यावरण सुरक्षा के हेतु यज्ञ का आयोजन है जो प्रातः 8:00 बजे से 11:00 बजे तक चलता है। वैदिक मंत्रों के द्वारा आहुतियां प्रदान की जाती हैं। कथा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तजन उपस्थित रहे तथा का आनंद लिया।

एम पी जैन ने बताया कि कथा में मुख्य रूप से श्री कृष्ण कुमार सारस्वत, विजय किशोरपुरियाजी, राजीव रंजन सिंह, अरुण कुमार सिंह, सतीश राय, जितेंद्र मिश्रा, विवेकानंद ठाकुर, सुरेंद्र प्रसाद, एच एन प्रसाद सहित सैकड़ों की संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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