पर्युषण पर्व का चतुर्थ दिवस ‘उत्तम शौच ’ दिवस

पटना 11 अगस्त 2024

दस दिवसीय दसलक्षण पर्व के चौथे दिन आज पटना के मीठापुर, कदमकुआँ, मुरादपुर, कमलदह मंदिर गुलजार बाग सहित सभी दिगम्बर जैन मंदिरों में उत्तम शौच धर्म की पूजा की गयी. भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा की गयी .जैन समाज के एम पी जैन ने बताया कि कदमकुआं स्थित श्रीपार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में सात प्रतिमाधारी ब्रह्मचारिणी प्राची दीदी एवं तीन प्रतिमाधारी ब्रह्मचारिणी पूजा दीदी के सानिध्य में पर्युषण पर्व की पूजा की जा रही है.

साथ ही इस पूजा को संगीतमय बना रहे हैं फिरोजाबाद से पधारे संगीतकार सेंकी जैन एवं उनका ग्रुप. कदमकुआं स्थित श्रीपार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में आज की शांतिधारा राजेश जैन परिवार ने किया. ब्रह्मचारिणी प्राची दीदी ने श्रावकों को बताया कि दसलक्षण पर्व में धर्म के दश लक्षणों की पूजा की जाती है – जैन पर्युषण पर्व में आत्मा के इस दस स्वभाव पर कैसे विजय पाया जाए इसी को बताया जाता है। ब्रह्मचारिणी प्राची दीदी ने श्रावकों को बताया कि शौच धर्म पवित्रता का प्रतीक है। यह पवित्रता संतोष के माध्यम से आती है। व्यक्ति शौच धर्म के द्वारा लोभ पर विजय प्राप्त करता है।

दीदी ने बताया कि लोभ कई तरह का होता है जैसे धन का लोभ, यश का लोभ, इन्द्रियों का लोभ आदि. आत्मा की शुद्धि के मार्ग में लोभ सबसे बड़ा अवरोधक है। लोभ हमारे सभी सद्गुणों को नष्ट कर देता है. तन को शुद्ध करना अलग बात है किंतु संतोष के जल से मन और जीवन को शुद्ध करना आज के शौचधर्म का सार है। अतः शौच धर्म का पालन कर हमें अपनी आत्मा को निर्मल बनाना चाहिय। आत्मा का सहज स्वभाव ही उसका धर्म होता है। आत्मा को निर्मल ,पवित्र एवं शुद्ध बनाने की प्रेरणा उत्तम शौच धर्म देता है। शौच का अर्थ शरीर की शुद्धता नहीं बल्कि आत्मा की शुद्धता होती है। दीदी ने बताया कि जब व्यक्ति अपने बुरे कर्मो एवं मन की गंदगी को हटा देता है तब आत्मा का शुद्ध स्वभाव “शौच”प्रकट हो जाता है। आत्मा के साथ जबतक राग, द्धेष, ईर्ष्या, क्रोध आदि रहती है तबतक आत्मा के असली शुद्ध स्वभाव का दर्शन नहीं होता है। आज नौवे तीर्थंकर पुष्पदंत भगवान के मोक्ष कल्याणक के अवसर पर ब्रह्मचारिणी प्राची दीदी ने उनकी पूजा भी करवाई तथा निर्वाण लाडू भी चढ़वाया।
उधर बिहार स्टेट दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र कमिटी के सचिव पराग जैन ने बताया कि सेठ सुदर्शन स्वामीजी की निर्वाण स्थली श्री कमलदहजी दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र, गुलजारबाग तथा राजगीर, पावापुर, कुंडलपुर, चम्पापुर आदि स्थानों पर भी काफी अधिक संख्या में श्रद्धालु दशलक्षण पर्व की पूजा अर्चना कर रहे हैं.

एम पी जैन ने बताया कि कल पर्युषण पर्व के पांचवें दिन उत्तम सत्य धर्म की पूजा की जाएगी. जब व्यक्ति क्रोध, अहंकार, माया-चारी एवं लोभ को नियंत्रित कर लेता है, तो सहज ही उसके जीवन में सत्य का अवतरण होता है। सत्य को धारण करने वाला हमेशा अपराजित, सम्माननीय एवं श्रद्धेय होता है. सत्य आचरण के बिना आत्म शुद्धि असंभव है।

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