पटना, 16 जनवरी 2026
ख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में समृद्धि यात्रा-2026 के तहत रमना मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रिमोट का बटन दबाकर 153 करोड़ रुपये की 125 योजनाओं का शिलान्यास एवं 29 करोड़ रुपये की 36 योजनाओं का शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने प्रगति यात्रा के दौरान घोषित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली।

इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने किसान मेला सह कृषि यंत्र प्रदर्शनी का उद्घाटन किया एवं लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने समृद्धि यात्रा-2026 के दौरान पश्चिम चम्पारण जिले में चल रही विकासात्मक योजनाओं की समीक्षा बैठक की। रमना मैदान में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी श्री तरणजोत सिंह ने प्रगति यात्रा से संबंधित योजनाओं, सात निश्चय-2 की योजनाओं तथा सात निश्चय-3 की योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने जिला में किए जा रहे अन्य विकास कार्यों की जानकारी दी। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगति यात्रा से संबंधित जिन योजनाओं की स्वीकृति दी गई है, उनका क्रियान्वयन तेजी से करें। सात निश्चय-2 के तहत जो योजनाएं चलाई जा रही हैं उनका बेहतर ढंग से क्रियान्वयन करें। उन्होंने कहा कि सात निश्चय-3 के तहत जो योजनाएं निर्धारित की गई हैं उस पर बेहतर ढंग से कार्य शुरू करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सबको मालूम है कि 20 नवंबर 2025 को राज्य में नई सरकार के गठन के कुछ ही दिनों बाद हमलोगों ने राज्य को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने हेतु सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया है। सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (Ease of Living) का मुख्य मकसद राज्य के सभी नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम कर उनके जीवन को और भी आसान बनाना है। इसे लेकर हमलोग लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे हैं। कई बार ऐसा देखा गया है कि आम लोग जब अपनी समस्याओं को लेकर सरकारी कार्यालय पहुंचते हैं तो अधिकारी उपस्थित नहीं रहते हैं, जिसके कारण उन्हें असुविधा होती है। इसे देखते हुए अब राज्य के आमजनों को सरकारी कार्यालयों से संबंधित कार्यों में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, इसे लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। प्रत्येक सप्ताह के दो कार्य दिवस (सोमवार एवं शुक्रवार) को ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल, जिला, प्रमंडल एवं राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में आमलोग अपनी शिकायतों के निष्पादन के लिए संबंधित पदाधिकारी से उनके निर्धारित कार्यस्थल / कार्यालय कक्ष में मिलेंगे। निर्धारित दोनों दिवसों पर सभी संबंधित पदाधिकारी अपने-अपने कार्यालय में उपस्थित होकर लोगों से सम्मानपूर्वक मिलेंगे और उनकी शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उसका त्वरित निराकरण करेंगे। सभी सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों को सम्मानपूर्वक बैठाने एवं मिलने के साथ-साथ उनके लिए जरूरी सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था की जाएगी। आगंतुकों से प्राप्त शिकायतों की पंजी का संधारण किया जाएगा एवं शिकायतों के सतत् अनुश्रवण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था 19 जनवरी 2026 से प्रभावी ढंग से लागू करें। इसके लागू होने से आमजनों को काफी सुविधा होगी और उनकी समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा। हमलोग राज्य के सभी नागरिकों की सुविधाओं का ख्याल रख रहे हैं। उनके जीवन को आसान और विकसित बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। सभी अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ योजनाओं को क्रियान्वित कर पूर्ण करें ताकि बिहार देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल हो सके।
समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, संबद्ध विभागों के अपर मुख्य सचिव/ प्रधान सचिव / सचिव, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह, चंपारण प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक हरकिशोर राय, पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी तरणजोत सिंह, पुलिस अधीक्षक, बेतिया शौर्य सुमन, बगहा के पुलिस अधीक्षक रामानंद कौशल सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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