25 जुलाई 2026, पटना

प्रदेश जद (यू) प्रवक्ता शंभूनाथ सिन्हा ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलनरत छात्रों से भावनाओं में बहकर विपक्षी दलों की राजनीतिक साजिश का हिस्सा नहीं बनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों की पीड़ा और भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर एवं संवेदनशील है तथा इस पूरे प्रकरण में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्थायी समाधान की दिशा में निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज जो विपक्षी दल छात्रों के हितैषी बनने का दिखावा कर रहे हैं, उनके शासनकाल और शासित राज्यों में दर्जनों बार पेपर लीक की घटनाएं हुईं, लेकिन तब उन्होंने केवल बयानबाजी और राजनीतिक नौटंकी करने के अलावा कोई ठोस पहल नहीं की। छात्रों के भविष्य से जुड़े इतने गंभीर मुद्दे पर उनकी संवेदनशीलता केवल सत्ता की राजनीति तक सीमित रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए ऐतिहासिक एवं दूरगामी निर्णय लिए गए हैं। केंद्र सरकार ने पेपर लीक जैसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था, दोषियों के खिलाफ कड़े दंड, भारी आर्थिक जुर्माना तथा सख्त कानूनी प्रावधानों को मंजूरी दी है। इन कदमों से न केवल अपराधियों को शीघ्र और कठोर सजा मिलेगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी मजबूत एवं प्रभावी व्यवस्था स्थापित होगी।

जद (यू) छात्रों के हितों और उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक छात्र का अधिकार है, लेकिन यदि इस आंदोलन का राजनीतिकरण किया गया तो इसका लाभ केवल वे ताकतें उठाएंगी जो देश में अस्थिरता और अराजकता का माहौल पैदा करना चाहती हैं। इससे न केवल छात्र आंदोलन की गरिमा प्रभावित होगी, बल्कि छात्रों के वास्तविक मुद्दे भी कमजोर पड़ जाएंगे।

उन्होंने आंदोलनरत छात्रों से संयम, विवेक और लोकतांत्रिक मर्यादा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी राजनीतिक दल के बहकावे या राजनीतिक साजिश का हिस्सा बनने से बचें। सरकार दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published.