पटना 20 अगस्त 2026

देशरत्न राजेंद्र प्रसाद शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, सदाकत आश्रम, पटना में बी.एड. प्रथम वर्ष (सत्र 2025–27) के प्रशिक्षुओं ने बी.एड. द्वितीय वर्ष (सत्र 2024–26) के प्रशिक्षुओं के सम्मान में आत्मीय एवं गरिमापूर्ण फेयरवेल समारोह का आयोजन किया। प्रशिक्षण पूर्ण कर रहे प्रशिक्षुओं को भावपूर्ण विदाई देते हुए उनके उज्ज्वल एवं सफल भविष्य की मंगलकामना की गई।
समारोह का उद्घाटन बिहार विद्यापीठ के अध्यक्ष एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी विजय प्रकाश ने किया।

इस अवसर पर उन्होंने फेयरवेल की अवधारणा को एक व्यापक जीवन-दृष्टि से जोड़ते हुए कहा कि विदाई का अर्थ किसी संबंध का अंत नहीं, बल्कि एक नई यात्रा का आरंभ है। फेयरवेल हमें पीछे मुड़कर अपने साथ बिताए समय, अनुभवों, सीख और आत्मीय संबंधों को याद करने तथा भविष्य की नई जिम्मेदारियों के लिए स्वयं को तैयार करने का अवसर देता है।

उन्होंने कहा कि शिक्षक-प्रशिक्षुओं के लिए फेयरवेल का विशेष महत्व है। प्रशिक्षण संस्था से निकलने के बाद वे केवल रोजगार या करियर की ओर नहीं बढ़ते, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेते हैं। एक शिक्षक का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में ज्ञान, संस्कार, चरित्र, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।

विजय प्रकाश ने कहा कि किसी भी सफल आयोजन के पीछे सुविचारित इवेंट मैनेजमेंट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यक्रम का सफल संचालन केवल मंच पर दिखाई देने वाले कुछ लोगों का कार्य नहीं होता, बल्कि उसके पीछे योजना, समय-प्रबंधन, संसाधन प्रबंधन, टीम भावना, नेतृत्व, अनुशासन और आपसी समन्वय की पूरी प्रक्रिया काम करती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा आयोजित ऐसे कार्यक्रम उन्हें व्यवहारिक जीवन में प्रबंधन एवं नेतृत्व के गुर सीखने का अवसर प्रदान करते हैं।

इस अवसर पर बिहार विद्यापीठ की निदेशिका डॉ. मृदुला प्रकाश, सचिव डॉ. राणा अवधेश, अपर सचिव एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी श्यामानंद चौधरी, संयुक्त सचिव अवधेश नारायण तथा महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पूनम वर्मा ने प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएँ एवं आशीर्वचन प्रदान किए। उन्होंने प्रशिक्षुओं से शिक्षक की गरिमा, नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं सामाजिक दायित्वों को जीवन में सर्वोच्च स्थान देने का आह्वान किया।

फेयरवेल समारोह को आकर्षक और मनोरंजक बनाने के लिए प्रशिक्षुओं के बीच विभिन्न खेल एवं रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। पूरे कार्यक्रम में उत्साह, उमंग और आत्मीयता का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम का मंच संचालन सृष्टि एवं मिथुन घोष ने कुशलतापूर्वक किया।

समारोह में आयोजित ‘मिस्टर फेयरवेल’ प्रतियोगिता में कार्तिक कुमार राज विजेता रहे, जबकि पुष्पांजलि ने ‘मिस फेयरवेल’ का खिताब अपने नाम किया। ट्विंकल एवं कृष्ण को रनर-अप घोषित किया गया। विजेताओं एवं प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।

समारोह के दौरान प्रशिक्षण पूर्ण कर रहे प्रशिक्षुओं ने महाविद्यालय के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की तथा प्रशिक्षण काल की स्मृतियों और अनुभवों को साझा किया। उनके लिए यह अवसर भावुक होने के साथ-साथ भविष्य की नई जिम्मेदारियों के प्रति उत्साहित करने वाला भी रहा।

फेयरवेल समारोह ने एक संदेश के साथ विदाई ली—प्रशिक्षण का यह अध्याय समाप्त जरूर हुआ है, लेकिन ज्ञान, संस्कार और गुरुजनों से प्राप्त मार्गदर्शन की यात्रा निरंतर जारी रहेगी।

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