पटना 21 अगस्त 2026

रामकृष्ण द्वारिका महाविद्यालय, पटना में राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर संस्कृत एवं समाजशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को आशु वाचन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में वृद्धजनों के प्रति संवेदनशीलता, सम्मान तथा सामाजिक एवं नैतिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. (डॉ.) सीता सिन्हा ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि वृद्धजन हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके जीवनानुभव, ज्ञान और संस्कार नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से वृद्धजनों के सम्मान, गरिमा एवं अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का स्वागत भाषण संस्कृत विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) शैलजा सिन्हा ने दिया। उन्होंने राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परिवार और समाज के विकास में वृद्धजनों के योगदान को सम्मानपूर्वक स्वीकार करना आवश्यक है। उन्होंने इस दिवस का ऐतिहासिक परिचय भी दिया प्रतियोगिता में मंच संचालन डॉ. सरिता कुमारी, विभागाध्यक्ष, समाजशास्त्र विभाग एवं धन्यवाद ज्ञापन सुबोध चौधरी सहायक प्राध्यापक, समाजशास्त्र विभाग ने किया ।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने वृद्धजन, सामाजिक न्याय, वृद्धजनों के अधिकार, परिवार में उनकी भूमिका, बदलती सामाजिक संरचना तथा वृद्धजन कल्याण, वृद्धावस्था में अवसाद जैसे विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों से कुल 35 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया जिनमें साकेत राज सिंह, निशा कुमारी एवं स्नेहा वर्मा को क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त हुआ साथ हीं शुभम राज एवं आर्यमन को सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. रंजन कुमार, डॉ. निधि सिन्हा एवं डॉ. अमर कुमार शामिल रहें। उन्होंने विद्यार्थियों के विषय-वस्तु, अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास, प्रस्तुतीकरण एवं समय-प्रबंधन के आधार पर उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन किया साथ ही अपने विचार भी दियें।

महाविद्यालय के शिक्षकों में डॉ मुकेश कुमार राय, डॉ भावना सिंह, डॉ सुशील कुमार, डॉ हरजीत कुमार, डॉ कृष्ण कांत राय, डॉ नवीन कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के सफल आयोजन में छात्रों में राहुल, उज्जवल, पीयूष, मुस्कान एवं खुशी का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम का आयोजन विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा तथा इसने वृद्धजनों के सम्मान और उनके प्रति सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।

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