पटना 22 अगस्त 2026
रामकृष्ण द्वारिका महाविद्यालय, पटना में शनिवार को सांस्कृतिक कोषांग के तत्वावधान में श्रावणी महोत्सव का हर्षोल्लास एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहें। संपूर्ण आयोजन भारतीय संस्कृति, परंपरा एवं श्रावण मास की आध्यात्मिक एवं लोक-सांस्कृतिक महत्ता को समर्पित रहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो.(डॉ.) सीता सिन्हा ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि श्रावणी महोत्सव भारतीय सांस्कृतिक चेतना, लोक परंपराओं एवं सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी सांस्कृतिक विरासत एवं नैतिक मूल्यों को आत्मसात करते हुए आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय परंपराओं का सम्मान करें।

सांस्कृतिक कोषांग की समन्वयक प्रो. (डॉ.) शैलजा सिन्हा ने कार्यक्रम के उद्देश्य एवं रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों की प्रतिभा के विकास के साथ-साथ उनमें सामाजिक, सांस्कृतिक एवं मानवीय मूल्यों का संवर्धन करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सह– समन्वयक डॉ. सरिता कुमारी एवं डॉ निधि सिन्हा की कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका रही।

श्रावणी महोत्सव के अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा भक्ति गीत, लोकगीत, नृत्य, समूहगान एवं अन्य विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्हें उपस्थित दर्शकों ने अत्यंत उत्साह के साथ सराहा। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सम्मानित शिक्षकों में प्रो.(डॉ) जगन्नाथ प्रसाद, डॉ. आशीष कुमार, डॉ अमर कुमार, डॉ रंजन कुमार, डॉ.मुकेश कुमार राय, डॉ सुनीता कुमारी, डॉ. जया दीक्षित, श्री सुबोध चौधरी,श्रीमती भावना सिंह, श्रीमती स्मिता वैदेही, डॉ. सुशील कुमार, डॉ. प्रशांत कुमार, डॉ. हरजीत कुमार, डॉ. नवीन कुमार, डॉ. चित्रलेखा कुमारी, डॉ शिल्पी शिवानी, डॉ. निशु कुमारी एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों में संजय कुमार, रॉकी कुमार आदि उपस्थित रहें तथा सभी ने विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन एवं आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। छात्रों में साकेत, अंजली, शुभम, जेसिका,अंतरा,श्रुति, तनिष्का एवं आदित्य ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में रिया,रुचि, नंदिनी, नव्या, शिवन्ती, कृतिका, अंशिका, शशि, अंशु, कुणाल, नायसा ,आंचल, सुकृति, शिल्पी, स्नेहा, हर्षिता, तनिष्का,श्रुति,शिम्पी,टीसा एवं निशा प्रतिभागी रहें।
महोत्सव के अंत में सांस्कृतिक कोषांग की ओर से सभी अतिथियों, शिक्षकगण, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम सौहार्द, संस्कृति एवं उत्सव के वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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