पटना 28 अगस्त 2026

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा (टीआरई-4) और शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि टीआरई-4 में कक्षा 9 और 10 के लिए संगीत विषय में 111 सीटें बढ़ाई गई हैं। इसके साथ ही शिक्षकों की कुल रिक्तियों की संख्या बढ़कर 33,385 हो गई है। इन अतिरिक्त सीटों की अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग को जल्द भेजी जाएगी।

शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों के स्थानांतरण के संबंध में भी अहम जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग अधिशेष (सरप्लस) और पारस्परिक (म्यूचुअल) स्थानांतरण की सूची शीघ्र जारी करने की तैयारी में है।

श्री तिवारी ने बताया कि सरप्लस शिक्षकों के कुल 73,151 आवेदनों में से करीब 37 हजार शिक्षकों को उनके पहले से पांचवें विकल्प तक में ही मनपसंद विद्यालय मिल गए हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं हैं। शिक्षकों को च्वाइस फीलिंग के लिए अधिकतम 30 विद्यालयों के विकल्प दिए गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले भी यह कहा गया था कि शिक्षकों द्वारा दिए गए विकल्पों में शामिल विद्यालयों में ही उनका स्थानांतरण किया जाएगा।

शिक्षा मंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया ऐच्छिक है। बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 के तहत स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन तरीके से संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य शिक्षक हित में सरल और निष्पक्ष तरीके से स्थानांतरण की प्रक्रिया को पूरा करना है।
उन्होंने बताया कि सामान्य स्थानांतरण के लिए 17 सितम्बर से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। इस चरण में वे शिक्षक भी आवेदन कर सकेंगे, जो 5 अगस्त तक आवेदन नहीं कर पाए थे।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि विभाग का लक्ष्य 31 अक्टूबर तक स्थानांतरण से जुड़े सभी मामलों का निष्पादन कर देना है। इसके बाद शिक्षक पूरी ऊर्जा के साथ विद्यालयों में विद्यार्थियों के पठन-पाठन पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
श्री तिवारी ने बताया कि जनगणना ड्यूटी में लगे शिक्षकों के स्थानांतरण के संबंध में विधि विभाग से मंतव्य मांगा गया है। दो दिनों के भीतर विधि विभाग से जवाब मिलने की उम्मीद है।

कोर्ट के स्टे से जुड़े सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को छोड़कर अन्य सभी शिक्षकों का स्थानांतरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कम्प्यूटर टीचर और लाइब्रेरियन की बहाली भी जल्द की जाएगी।विभाग इस दिशा में आवश्यक प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है। श्री तिवारी नेकहा कि शिक्षकों के बकाया भुगतान के मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई शुरू की जाएगी। ऐसे अधिकारियों की सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षकों के हितों से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी को विभाग गंभीरता से ले रहा है और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। विभाग की प्राथमिकता शिक्षक हितों की रक्षा के साथ-साथ भर्ती और स्थानांतरण की प्रक्रियाओं को पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूरा करना है, ताकि विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।

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