स्कूल ऑफ क्रिएटिव लर्निंग में दो दिवसीय साहित्योत्सव का भव्य समापन, भाषा, साहित्य और सृजन का संगम
पटना / दानापुर,12 सितम्बर 2026
साहित्य केवल पढ़ने की वस्तु नहीं, बल्कि जीवन को समझने और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ने का माध्यम है। इसी भाव को साकार करते हुए स्कूल ऑफ क्रिएटिव लर्निंग, दानापुर में आयोजित दो दिवसीय ‘साहित्योत्सव’ का समापन हर्षोल्लास के साथ हुआ।

दो दिनों तक चले इस उत्सव में साहित्य, नाटक, कविता, नृत्य और रचनात्मक अभिव्यक्तियों की विविध प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों ने मोमबत्ती प्रज्वलन, भाषण, कविता पाठ, नृत्य और रोल-प्ले के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। जिसमें कक्षा 2, 3 और 4 के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत ‘समय का महत्व’ विषय पर रोल-प्ले विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

मंच पर जीवंत हुईं साहित्य की कालजयी कृतियां
साहित्योत्सव का मुख्य आकर्षण अंग्रेजी साहित्य की प्रसिद्ध कृतियों का मंचन रहा। कक्षा 8 के विद्यार्थियों ने शेक्सपियर के अमर नाटक ‘द मर्चेंट ऑफ वेनिस’ को, कक्षा 10 के छात्रों ने ‘द नेकलेस’ और कक्षा 9 के छात्रों ने ओ. हेनरी की हृदयस्पर्शी कहानी ‘द लास्ट लीफ’ को मंच पर जीवंत कर दिया। छात्रों के सशक्त अभिनय, धाराप्रवाह संवाद अदायगी और मंचीय प्रस्तुति की उपस्थित अभिभावकों और शिक्षकों ने खूब सराहना की।
इसके अलावा साहित्य के साथ कला और अभिव्यक्ति का सुंदर समन्वय भी देखने को मिला। ‘फेस्टिवल ऑफ लव’, ‘चीप थ्रिल्स’, ‘फोकस’ तथा नंदिता द्वारा प्रस्तुत ‘लेविटेशन डांस’ जैसी प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में विविध रंग भर दिए।
साहित्य मानवीय संवेदनाओं से जोड़ता है – चेयरमैन
समापन समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के चेयरमैन विजय प्रकाश ने कहा, “अंग्रेजी वैश्विक संवाद और ज्ञान के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम है। साहित्य हमें मानवीय संवेदनाओं से जोड़ता है। साहित्य के मूल्यों को अपने आचरण में उतारना ही व्यक्तित्व के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
”वहीं प्राचार्या डॉ. मृदुला प्रकाश ने साहित्योत्सव की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में भाषा के प्रति रुचि और रचनात्मक सोच को विकसित करते हैं। उन्होंने चेयरमैन विजय प्रकाश के निरंतर मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया तथा अंग्रेजी विभाग के प्रभारी दिलीप कुमार सिन्हा और समस्त भाषा शिक्षकों के अथक प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में अंग्रेजी साहित्य और व्याकरण पर आधारित विद्यार्थियों की एक प्रोजेक्ट प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसका अतिथियों ने अवलोकन किया और विद्यार्थियों की रचनात्मकता की प्रशंसा की।
इस साहित्योत्सव ने यह सिद्ध कर दिया कि जब साहित्य किताबों की सीमाओं से निकलकर मंच, कला और कल्पना से जुड़ता है, तो सीखना केवल ज्ञान नहीं रहता – वह एक जीवंत अनुभव बन जाता है।
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