पटना, 25 सितम्बर 2026
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि कृषि शिक्षा को रोजगार और उद्यमिता का मजबूत आधार बनाना होगा। युवाओं को शिक्षा के साथ कौशल और अवसर देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। कृषि शिक्षा, कौशल और नवाचार को बढ़ावा देकर हम समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बिहार की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकते हैं।

श्री तिवारी शुक्रवार को समस्तीपुर के पूसा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विवि के विद्यापति सभागार में शुरू दो दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का आयोजन नीति आयोग और कृषि विवि के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है।
‘ग्रीन माइंड्स फॉर ग्रीन नेशन : एग्री एजुकेशन एंड स्किलिंग@2047’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में देश के विभिन्न कृषि विवि के कुलपति व विशेषज्ञ शामिल हुए।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग ‘रिफॉर्म से परफॉर्म’ की दिशा में आगे बढ़ते हुए ‘लर्न टू अर्न’ के संकल्प के साथ काम कर रहा है। हमारी कोशिश है कि शिक्षा युवाओं को केवल डिग्री तक सीमित न रखे। उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर भी दे। इसके लिए शिक्षा को कौशल, तकनीक, नवाचार और रोजगार से जोड़ना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता की व्यापक संभावनाएं हैं। आधुनिक तकनीक, शोध और नवाचार के माध्यम से कृषि को नई दिशा दी जा सकती है। युवाओं को कृषि की आधुनिक जानकारी और आवश्यक कौशल उपलब्ध कराकर उन्हें इस क्षेत्र में व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।

श्री तिवारी ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में कृषि शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसके लिए उच्च शिक्षा संस्थानों, कृषि विवि, नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। शोध को खेत तक और नवाचार को बाजार तक पहुंचाने की दिशा में भी काम करना होगा।
कार्यशाला में पूसा विवि के कुलपति डॉ. पीएस पांडेय, नीति आयोग के सदस्य केबी राजू सहित अन्य कुलपतियों एवं विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने विवि के मीडिया विभाग के रेडियो स्टेशन एवं टीवी पर भी अपने विचार साझा किए। इसके बाद उन्होंने विवि परिसर में लगाई गई कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में शोध आधारित कृषि उत्पादों, आधुनिक कृषि तकनीक और विभिन्न नवाचारों को देखा तथा शोधकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की।
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