पटना,30 सितम्बर 2026
राज्य में सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में विकसित किए गए 700 मॉडल स्कूलों का बुधवार को एक साथ गहन निरीक्षण किया गया। इनमें पटना जिले के 32 स्कूल भी शामिल थे। हर स्कूल के लिए नामित नोडल अधिकारियों ने वहां हो रहे बदलावों तथा शैक्षणिक गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान स्कूलों की आधारभूत संरचना, कक्षाओं में शिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं की समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने विद्यालयों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए संचालित बिहार स्कूल लाइव क्लासेज कोचिंग की भी जानकारी ली। स्कूलों में उपलब्ध संसाधनों और उनके उपयोग की स्थिति को देखा तथा शैक्षणिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए जरूरी बिंदुओं पर विमर्श किया।
शिक्षा विभाग की ओर से तय व्यवस्था के तहत अब सभी नोडल अधिकारी अपने-अपने विद्यालय का हफ्ते में एक दिन निरीक्षण करेंगे। इसका उद्देश्य विद्यालयों में हुए बदलाव को बनाए रखना, शैक्षणिक गतिविधियों की नियमित निगरानी करना और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर सीधा संवाद
सभी मॉडल स्कूलों में बुधवार को अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इसमें अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बच्चों की पढ़ाई, सीखने की प्रगति और विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर संवाद हुआ। संगोष्ठी के दौरान नोडल अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने अभिभावकों से विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने और बच्चों की पढ़ाई में नियमित सहयोग करने की अपील की। अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई और उनकी प्रगति से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई। अगली संगोष्ठी तीन महीने बाद आयोजित की जाएगी।
गहन निरीक्षण के बाद इस बात पर आम सहमति बनी कि अधिकारियों की सतत निगरानी, शिक्षकों की सक्रियता और अभिभावकों की भागीदारी से ही इन विद्यालयों में बदलाव की कहानी को आगे बढ़ाया जा सकता है।
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