पटना, 7 अक्टूबर 2026

बच्चों में तार्किक क्षमता, एकाग्रता और गणितीय समझ विकसित करने के लिए विद्यालयों के पाठ्यक्रम में शतरंज को शामिल किया जाना चाहिए। शतरंज केवल मनोरंजन का खेल नहीं, बल्कि मस्तिष्क को सक्रिय रखने और निर्णय क्षमता विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। ये बातें बिहार विद्यापीठ के अध्यक्ष विजय प्रकाश ने बुधवार को आठवीं बालकेश्वर प्रसाद स्मृति शतरंज प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहीं।

एमवीपी चेस क्लब एवं बिहार विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में बिहार विद्यापीठ परिसर स्थित देशरत्न राजेंद्र प्रसाद शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, सदाकत आश्रम, पटना में दो दिवसीय शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।

विजय प्रकाश ने शतरंज की ऐतिहासिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में शतरंज का प्राचीन स्वरूप ‘चतुरंग’ के नाम से जाना जाता था। कालांतर में इसका स्वरूप विकसित होते हुए यह ‘शतरंज’ और फिर विश्व स्तर पर ‘चेस’ के नाम से लोकप्रिय हुआ। उन्होंने कहा कि शतरंज खेलने वाले बच्चों में तार्किक चिंतन और गणितीय क्षमता का विकास होता है, इसलिए इसे शिक्षा से जोड़ना समय की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार विधान सभा के सदस्य श्याम रजक ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ शतरंज जैसे बौद्धिक खेलों में भी भाग लेना चाहिए। खेलों से शारीरिक और मानसिक विकास के साथ व्यक्तित्व का समग्र विकास होता है। उन्होंने कहा कि खेलों के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएँ भी लगातार बढ़ रही हैं, जिससे युवाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

प्रतियोगिता का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्याम रजक एवं विशिष्ट अतिथि पटना विश्वविद्यालय के वाणिज्य महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. सुहेली मेहता ने शतरंज की पहली चाल चलकर किया।

प्रतियोगिता के पहले दिन महिला सीनियर वर्ग में मिन्की सिन्हा, पम्मी रानी, प्रिया रानी, सान्वी, जयश्री, पाखी और वंशिका तीन-तीन अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर हैं। पुरुष सीनियर वर्ग में पीयूष, आकर्ष आनंद, अमन, अली, कुशाग्र, अतिशय और रोहन तीन-तीन अंकों के साथ बढ़त बनाए हुए हैं। जूनियर बालिका वर्ग में गिरीशा शंकर, जबकि जूनियर बालक वर्ग में हेमंत और रविकांत दो-दो अंकों के साथ शीर्ष पर हैं।

बिहार विद्यापीठ की निदेशक डॉ. मृदुला प्रकाश ने अतिथियों का स्वागत किया। प्रतियोगिता के आयोजन सचिव वेद प्रकाश ने धन्यवाद ज्ञापन किया। मंच संचालन देशरत्न राजेंद्र प्रसाद शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापिका प्रो. मिताली मित्रा एवं अंतरराष्ट्रीय रेटेड शतरंज खिलाड़ी मिन्की सिन्हा ने संयुक्त रूप से किया।

इस अवसर पर बिहार विद्यापीठ के अपर सचिव श्यामानन्द चौधरी, संयुक्त सचिव अवधेश के नारायण, एआईसी के सीईओ प्रमोद कुमार कर्ण, स्व. बालकेश्वर प्रसाद की धर्मपत्नी सावित्री देवी, नेहा रानी, पूनम देवी, पुष्पा सिन्हा तथा मुख्य निर्णायक राकेश कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति, खिलाड़ी एवं शतरंज प्रेमी उपस्थित थे।

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