पटना, 11 अक्टूबर 2026
लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर महिला चरखा समिति, प्रभावती पथ, जगत नारायण रोड, कदमकुआँ, पटना में 8 एवं 11 अक्टूबर को स्मृति-पर्व का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रार्थना सभा और ‘लोकनायक जयप्रकाश नारायण—जीवनवृत्त एवं कृतित्व’ विषय पर स्मृति-व्याख्यान आयोजित हुआ।

स्मृति-व्याख्यान में पटना विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. कामेश्वर प्रसाद ने मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में लोकनायक के जीवन-संघर्ष, विचार-दर्शन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की चर्चा की। उन्होंने लोकनायक के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के विभिन्न पहलुओं को रेखांकित किया।

लोकनायक जयप्रकाश नारायण भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख सेनानी, समाजवादी चिंतक और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रबल समर्थक थे। स्वतंत्रता के बाद उन्होंने सत्ता-केंद्रित राजनीति के बजाय समाज के नैतिक एवं रचनात्मक परिवर्तन को महत्त्व दिया। वर्ष 1974 के छात्र आंदोलन और संपूर्ण क्रांति के आह्वान ने देश में व्यापक जनजागरण पैदा किया। उनका जीवन लोकतंत्र, सामाजिक न्याय, जनभागीदारी और भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था की स्थापना के लिए संघर्ष की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम में लोकनायक की ऐतिहासिक विरासत को स्थायी रूप से संरक्षित करने तथा उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से सरकार से उनके नाम पर एक समर्पित अनुसंधान संस्थान स्थापित करने की अपील की गई। प्रस्तावित संस्थान के माध्यम से उनके जीवन, समाजवादी चिंतन, संपूर्ण क्रांति, लोकतांत्रिक आंदोलन तथा सामाजिक पुनर्निर्माण संबंधी विचारों पर शोध को प्रोत्साहित किया जा सकता है। साथ ही, उनके पत्रों, भाषणों, लेखों और अन्य ऐतिहासिक दस्तावेजों का संग्रह, संरक्षण एवं अकादमिक अध्ययन भी सुनिश्चित किया जा सकता है। इससे लोकनायक के योगदान का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन होगा और भावी पीढ़ियों को उनके विचारों से प्रेरणा मिलेगी।

महिला चरखा समिति की अध्यक्ष डॉ. तारा सिन्हा ने अध्यक्षीय संबोधन में लोकनायक के व्यक्तित्व के कम चर्चित पहलुओं को सामने रखा और उनके आदर्शों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर बल दिया। समिति की मंत्री डॉ. मृदुला प्रकाश ने स्वागत भाषण में अतिथियों का अभिनंदन करते हुए समिति की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं सामाजिक भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने नागरिकों से समिति की गतिविधियों में सहभागी बनने का आग्रह किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। सुजाता वर्मा ने मंगलाचरण के साथ प्रेरणाप्रद गीत प्रस्तुत कर लोकनायक के क्रांतिकारी व्यक्तित्व को स्वर दिया। समापन पर समिति की कोषाध्यक्ष कविता नाथ ने अतिथियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर समिति के उपाध्यक्ष डॉ. डी. एन. सिन्हा तथा संचालन समिति के सदस्य डॉ. उमेश चन्द्र द्विवेदी, डॉ. ज्योति वर्मा, किरण नाथ और अवधेश के नारायण सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। आयोजन की सफलता में समिति के कर्मियों ने सक्रिय सहयोग दिया।
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