पटना, 28 अक्टूबर, 2026
बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बिहार कैबिनेट की बैठक में राज्यहित एवं जनकल्याण से जुड़े 43 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इन निर्णयों को बिहार के विकास, आधारभूत संरचना के विस्तार तथा जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

शिक्षा मंत्री श्री तिवारी ने विशेष रूप से गंगा और गंडक नदी के किनारे बनने वाले तीन महत्वपूर्ण पथों की परियोजनाओं की तैयारी के लिए कैबिनेट की स्वीकृति का स्वागत किया। इनमें दिरहारा से डुमरिया घाट तक नारायणी एक्सप्रेसवे (73.51 किलोमीटर), बिदुपुर-दिघवारा गंगा अंबिका पथ (56 किलोमीटर) तथा मनेर से बक्सर तक विश्वामित्र पथ (90 किलोमीटर) के निर्माण की दिशा में विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने हेतु कंसल्टेंट की नियुक्ति और संबंधित व्यय की स्वीकृति शामिल है।

उन्होंने कहा कि इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं से बिहार में सड़क संपर्क व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। आवागमन सुगम होगा, यात्रा में लगने वाला समय कम होगा तथा संबंधित क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क भी अधिक प्रभावी होगा।
श्री तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आधारभूत संरचना के विकास से जुड़े ये निर्णय बिहार को प्रगति के नए पथ पर आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे।

शिक्षा मंत्री ने इन जनहितकारी निर्णयों के लिए माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं बिहार कैबिनेट के सभी सहयोगी मंत्रियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार के ऐसे दूरदर्शी निर्णय बिहार के विकास को नई गति प्रदान करेंगे और आम जनता के जीवन को अधिक सुगम एवं सुविधाजनक बनाएंगे।
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