पटना, 15 फरवरी 2025

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय की अध्यक्षता में शनिवार को ज्ञान भवन सभागार में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यों की एकदिवसीय राज्यस्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए विभाग तत्परता से कार्यरत है। बैठक में विभाग एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों और योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। जिसका उद्देश्य राज्य के स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं जनहितकारी बनाना था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में राज्य की जनता को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताएं है।

श्री पांडेय ने कहा कि बिहार पिछले कुछ माह से टीकाकरण के मामले में देश में नंबर वन पर है और इसके लिए स्वास्थ्यकर्मी बधाई के पात्र हैं। अब बिहार को आगे भी टीकाकरण में नंबर वन पर बनाए रखना है। सभी सिविल सर्जन को लक्ष्य निर्धारण के अनुसार टीकाकरण कार्य करना है। किसी भी जिले में मार्च 2025 तक 95 प्रतिशत से कम टीकाकरण नहीं होना चाहिए। स्पेशल ड्राइव चलाकर या माइक्रो प्लान बनाकर जिले में जिन जगहों पर टीकाकरण कम हो रहे हैं उन जगहों को चिन्हित कर टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त करें। स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में एनीमिया को लेकर चिंता जाहिर की और कहा कि गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन की कमी होती है। ऐसे में जिन्हें बेहतर इलाज की जरूरत है ऐसी महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें बेहतर इलाज हर हाल में दी जाए ताकि सुरक्षित प्रसव हो पाए। वहीं हाईड्रोसील बीमारी की रोकथाम में पूर्वी चंपारण समेत अन्य 4 जिलों की सुस्त गति पर चिंता जाहिर की और राज्य के 11 जिलों में हाईड्रोसील मरीजों की संख्या जीरों करने पर उन जिलों को बधाई दी। साथ ही यह आदेश दिया कि राज्य हर हाल में 31 मार्च तक राज्य हाईड्रोसील बीमारी से मुक्ति के अभियान में सफल हो।

श्री पांडेय ने कहा कि एक माह के भीतर आयुष चिकित्सों के लंबित वेतन का भुगतान कर दिया जाए। वहीं आगे कहा कि जिले में सिविल सर्जन के अध्यक्षता में हर महीने बैठक कर स्वास्थ्य सेवाओं और निर्धारित लक्ष्य की समीक्षा हो। वहीं सभी सिविल सर्जन को अपने जिले में स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर वहां का औचक निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया। इस समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, मातृ – मृत्यु दर, जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान भारत, दवा की उपलब्धता, विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई और अन्य प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रमों में हाईड्रोसील, टीबी मुक्त अभियान , भव्या एप पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की स्थिति समेत अन्य कई बीमारियों व अन्य पहलूओं की समीक्षा की गई।
इस समीक्षा बैठक के दौरान स्वास्थ्य सचिव मनोज कुमार सिंह, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेषक सुहर्ष भगत, बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल ) के एमडी धर्मेंद्र कुमार समेत राज्य स्वास्थ्य समिति व विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहें।

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