पटना 27 मार्च 2025

स्कूल ऑफ क्रिएटिव लर्निंग, नरगदा, दानापुर कैंट, पटना में सृजनोत्सव 2025 के तीसरे दिन साहित्योत्सव एवं लोकोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्रों ने नाटकों, मॉडलों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रदर्शनी के माध्यम से भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मुद्दों को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री विजय प्रकाश, अध्यक्ष, ए.पी.सी.एल. एवं पूर्व आई.ए.एस. अधिकारी, ने कहा कि “संस्कृति और शिक्षा का समावेश ही राष्ट्र को सशक्त बनाता है।” उन्होंने छात्रों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों में रचनात्मकता और सामाजिक चेतना का विकास होता है।

इस अवसर पर अवधेश कुमार नारायण, उपाध्यक्ष (वित्त एवं लेखा), ने भी विद्यार्थियों की प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि “बच्चों की प्रस्तुतियाँ यह दर्शाती हैं कि नई पीढ़ी अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक और समर्पित है।”
विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. मृदुला प्रकाश ने छात्रों द्वारा बनाए गए मॉडलों और प्रस्तुतियों को सराहते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से विद्यार्थियों की सोच को विस्तार मिलता है और वे अपने समाज तथा परंपराओं से गहराई से जुड़ते हैं।

इस आयोजन में विद्यार्थियों ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ विषय पर एक प्रभावशाली हिंदी नाटक प्रस्तुत किया। वहीं, एक अंग्रेजी नाटक में आधुनिक समाज की चुनौतियों को दर्शाया गया। कक्षा 9 के छात्र प्रिंस गोंड ने संस्कृत मंत्रों का उच्चारण कर उनके अर्थ को समझाते हुए श्रोताओं को भारतीय भाषा-संपदा का अनुभव कराया।

कार्यक्रम में छात्रों ने असम, बिहार, पंजाब और महाराष्ट्र की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत की। प्राचीन सिक्कों, नोटों और आभूषणों की प्रदर्शनी ने ऐतिहासिक और आर्थिक दृष्टि से दर्शकों को समृद्ध अनुभव प्रदान किया। यह आयोजन विद्यार्थियों की रचनात्मकता, बौद्धिक क्षमता और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत उदाहरण बना। विद्यालय प्रबंधन ने सभी शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों को इस आयोजन को सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया और भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायक आयोजनों की निरंतरता बनाए रखने का संकल्प लिया।

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