पटना 13 जुलाई 2026

जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता डा0 निहोरा प्रसाद यादव ने जारी बयान में कहा कि स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की स्वास्थ्य महकमे में की गई मौन क्रांति का सकारात्मक प्रभाव अब आम लोगों को प्रत्यक्ष रूप से महसूस होने लगा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग का दायित्व संभालने के बाद केवल घोषणाओं तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि मरीजों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ काम किया है।

आज जिला अस्पतालों से लेकर पीएमसीएच एवं अन्य प्रमुख सरकारी अस्पतालों तक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। सरकार ने यह सुनिश्चित करने का फैसला लिया है कि बिना ठोस चिकित्सीय कारण के किसी भी मरीज को बड़े अस्पतालों में रेफर नहीं किया जाएगा। इससे मरीजों को अपने ही जिले में बेहतर इलाज उपलब्ध होगा और अनावश्यक रेफरल की समस्या समाप्त होगी। साथ ही प्रत्येक मरीज के उपचार का पूरा रिकाॅर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जा रही है, जिससे इलाज अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और प्रभावी बनेगा।

राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई है। जिला अस्पतालों में 19 प्रकार की स्वास्थ्य सेवाओं को अनिवार्य बनाया जा रहा है ताकि आम लोगों को अपने जिले में ही अधिकतम चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। सरकारी अस्पतालों में 504 प्रकार की दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है, जिनमें से वर्तमान में लगभग 350 प्रकार की दवाएं पहले ही मरीजों को मुफ्त दी जा रही हैं।

दुर्घटनाओं में घायल लोगों को गोल्डन आवर के भीतर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिहार में 11 नए ट्राॅमा सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में भी आधुनिक ट्राॅमा सेंटर विकसित किए जाएंगे तथा प्रमुख टोल प्लाजा पर एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि आपातकालीन स्थिति में समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके।

सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा और पारदर्शिता को और मजबूत करने के लिए सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही सभी जिला अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने तथा सदर अस्पतालों में जांच और उपचार की सुविधाओं का व्यापक विस्तार करने का कार्य भी तेज गति से आगे बढ़ रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने पदभार ग्रहण करते ही सबसे पहले मरीजों की समस्याओं को सुनने, समझने और उनके समाधान की दिशा में कार्य करना शुरू किया। उनकी कार्यशैली यह दर्शाती है कि वे प्रचार से अधिक परिणामों में विश्वास रखते हैं। मरीजों के प्रति उनकी संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण उन्हें एक ऐसे जनप्रतिनिधि के रूप में स्थापित करता है, जो स्वास्थ्य सेवा को केवल प्रशासनिक विषय नहीं बल्कि मानवीय दायित्व मानते हैं।

कुछ लोग व्यक्तिगत टिप्पणियों और बाहरी व्यक्तित्व के आधार पर राजनीतिक आलोचना करने का प्रयास करते हैं, लेकिन जनता यह भली-भांति समझती है कि किसी व्यक्ति का मूल्यांकन उसके पहनावे या कद-काठी से नहीं, बल्कि उसकी सोच, कार्यशैली और उपलब्धियों से होता है। निशांत कुमार की सादगी, संवेदनशीलता और गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के प्रति समर्पण उनके कार्यों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

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