पटना, 14 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम हॉल में ‘राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम’ का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सचिवालय के आवेदन प्राप्ति केन्द्र का शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया साथ ही देशरत्न मार्ग से मुख्यमंत्री सचिवालय के आवेदन प्राप्ति केन्द्र तक सहयोग पथ का भी उद्घाटन किया।

आज आयोजित राज्य स्तरीय सहयोग शिविर में कुल 129 आवेदन दर्ज किए गए। इनमें 100 आवेदक उपस्थित हुए, जिनके मामलों का निष्पादन किया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन का सरकार पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो। जो भी अधिकारी या कर्मी आवेदन के निष्पादन में सहयोग नहीं करते हैं, कार्य में शिथिलता बरतते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई करें।
बैठक के दौरान जहानाबाद के एन०के० सिंह, मुजफ्फरपुर के राजीव कुमार, बेगूसराय की प्रतिमा कुमारी, शेखपुरा के प्रिंस कुमार, सीवान की अनिता देवी, अररिया की आरती देवी, भागीपुर के गौरव कुमार, पश्चिम चंपारण के शुभम कुमार तथा जहानाबाद की गुंजन कुमारी सहित कई लाभार्थियों ने अपनी समस्याओं के समाधान पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक की शिकायतों का पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। सहयोग शिविरों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों की समस्याओं का समाधान हुआ है और जिन आवेदकों को अब भी अपने आवेदन के निर्णय पर आपत्ति है, उनके लिए राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम की व्यवस्था की गई है, ताकि उनकी शिकायतों का पुनः परीक्षण कर न्यायसंगत निर्णय लिया जा सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री सोलर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इस योजना के अंतर्गत 125 यूनिट तक निःशुल्क बिजली का लाभदिया जा रहा है तथा 126 यूनिट से अधिक बिजली उत्पादन होने पर उपभोक्ताओं को उसका आर्थिक लाभ भी मिलेगा। हमारी सभी लोगों से अग्रह है कि अपनी छतों पर सोलर प्लेट लगायें और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दें। दूरस्थ एवं दुर्गम गांवों को सोलर विलेज के रूप में विकसित कर बिजली की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। जिन पात्र लाभार्थियों को अभी तक पेंशन का लाभ नहीं मिल पाया है अथवा जिनके आवेदन लंबित हैं, उनका शीघ्र निष्पादन कर अगले माह की 10 तारीख तक पेंशन राशि उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि यदि किसी आवेदन में दस्तावेजों की कमी हो तो उसे सीधे अस्वीकृत न किया जाए। संबंधित आवेदक को नोटिस देकर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर दिया जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति तकनीकी कारणों से सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि बरसात के बाद नई सड़कों के निर्माण का कार्य पूरा करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए। सभी पदाधिकारी आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक एवं संवेदनशील व्यवहार करें तथा उनकी शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों का उद्देश्य है कि सहयोग शिविर के माध्यम से लोगों को 30 दिन के अंदर उनकी समस्याओं का समाधान मिले। मेरे पास कोई आवेदन आ रहा है, इसका मतलब है कि उसका निष्पादन उचित ढंग से नहीं हुआ है। सी०ओ०, बी०डी०ओ० लेवल पर जो भी आवेदनों का निष्पादन होता है उस पर एस०डी०ओ०, डी०सी०एल०आर० एवं जिलाधिकारी नजर रखें। प्रमंडलीय आयुक्त भी दिये गये निर्णयों की समीक्षा करें। विभागों के सचिव भी निर्णयों की समीक्षा करते रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहयोग शिविर के माध्यम से 90 प्रतिशत समस्याओं का समाधान किया गया है। इसके लिये जिलाधिकारी सहित सभी संबद्ध पदाधिकारी एवं कर्मियों को बधाई देते हैं और उम्मीद करते हैं कि पूरी तन्मयता और संवेदनशीलता के साथ समय-सीमा के अंदर जनता की समस्याओं का निष्पादन करते रहेंगे। समस्याओं के निष्पादन से जनता संतुष्ट हो तभी हमलोगों का सहयोग कार्यक्रम का लक्ष्य पूर्ण होगा। राज्य सरकार जनसेवा के संकल्प के साथ कार्य कर रही है और प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य स्तरीय सहयोग शिविर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे जनता का विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा अंतिम व्यक्ति तक न्याय एवं सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा सकेगा।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव सहित संबद्ध विभागों के मंत्रीगण, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह सहित संबद्ध विभागों के अपर मुख्य सचिव/ प्रधान सचिव / सचिव एवं आवेदक उपस्थित थे जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं वरीय अधिकारी जुड़े हुये थे।
![]()
