पटना 19 अगस्त 2026

उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ केवल उन्हीं विद्यार्थियों को मिलना चाहिए, जो निर्धारित पात्रता और सभी आवश्यक मापदंडों को पूरा करते हों।उन्होंने ऐसे सभी शैक्षणिक संस्थानों की जांच के निर्देश दिए हैं जो असत्य और भ्रामक जानकारी देकर एक से अधिक कॉलेजों का संचालन कर रहे हैं।

श्री टाइगर की अध्यक्षता में बुधवार को विकास भवन में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान नवसृजित डिग्री कॉलेजों के लिए भूमि की उपलब्धता, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना तथा शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता और संचालन से जुड़े विषयों की समीक्षा की गई।

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इसलिए पात्र विद्यार्थियों तक योजना का लाभ पारदर्शी और सुगम तरीके से पहुंचाना है।

माननीय मंत्री ने निर्देश दिया कि नवसृजित डिग्री कॉलेजों के लिए ऐसी भूमि चुनी जाए, जो प्रखंड मुख्यालय के आसपास और विद्यार्थियों के लिए सुगम और निकट हो।उन्होंने निर्देश दिया कि इन कॉलेजों के लिए चयनित शिक्षकों के प्रमाण पत्र की वैधता की जांच तय समय सीमा के भीतर हो जाए। समीक्षा के दौरान माननीय मंत्री ने वर्तमान में संचालित आठ शोध संस्थानों को सरल और सुव्यवस्थित करने पर जोर दिया।

श्री टाइगर ने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच के दौरान यदि संबंधित पदाधिकारियों या अन्य जिम्मेदार लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक के लिए विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी, सत्यापन और जवाबदेही की व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्देश दिया।

उन्होंने संस्थानों की मान्यता, संचालन व्यवस्था, उपलब्ध संसाधन, विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं और निर्धारित मानकों का समुचित सत्यापन कराने को कहा।

श्री टाइगर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उच्च शिक्षा से जुड़ी योजनाओं और संस्थानों की निगरानी को प्रभावी बनाया जाए, ताकि विद्यार्थियों के हितों के साथ किसी भी स्तर पर समझौता न हो और उच्च शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। उच्च शिक्षा को विद्यार्थियों के लिए आसान और सुलभ बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन, विशेष सचिव पवन कुमार सिन्हा, संयुक्त सचिव अनुराग कौशल सिंह,
माननीय मंत्री के आप्त सचिव विमल कुमार, उप निदेशक दीपक कुमार सिंह, नसीम अहमद के अलावा अन्य सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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