पटना, 23 अगस्त 2026
राज्य सरकार के अधीन विभिन्न परीक्षा बोर्ड, आयोगों, विश्वविद्यालयों एवं अन्य भर्ती एजेंसियों द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में व्यापक परीक्षा सुधार की अनुशंसा के लिए ‘परीक्षा सुधार पर एक विशेषज्ञ समिति’ के गठन को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।

परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाने की पहल
राज्य सरकार ने कहा है कि परीक्षाएं अभ्यर्थियों की क्षमता का आकलन करने, पात्रता निर्धारित करने तथा उच्च शिक्षा एवं सार्वजनिक रोजगार के लिए योग्य उम्मीदवारों के चयन का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। वर्तमान समय में अभ्यर्थियों की बढ़ती संख्या, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा के विस्तार, प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, डिजिटल तकनीक के उपयोग तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आगमन के कारण परीक्षा प्रक्रिया का स्वरूप अधिक जटिल हुआ है।
इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य में वर्तमान परीक्षा प्रणाली की व्यापक समीक्षा कर ऐसी व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जाएगा, जो निष्पक्ष, सुरक्षित, पारदर्शी, तकनीकी रूप से सक्षम, समयबद्ध, योग्यता-उन्मुख, सुलभ और विश्वसनीय हो।

इन परीक्षाओं की होगी समीक्षा समिति आवश्यकता के अनुसार बिहार में आयोजित होने वाली निम्न श्रेणी की परीक्षाओं की जांच कर अनुशंसाएं कर सकती है—
- माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक परीक्षाएं।
- विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं।
- व्यावसायिक एवं तकनीकी परीक्षाएं।
- प्रवेश एवं पात्रता परीक्षाएं।
- भर्ती एवं प्रतियोगिता परीक्षाएं।
साथ ही, संवैधानिक एवं वैधानिक परीक्षा और भर्ती निकायों की वैधानिक स्वायत्तता का सम्मान करते हुए समन्वय एवं साझा सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के लिए संस्थागत तंत्र की अनुशंसा भी समिति करेगी।
परीक्षा प्रशासन और जवाबदेही पर विशेष जोर
समिति बिहार में परीक्षाओं के संचालन से जुड़े मौजूदा संस्थागत ढांचे और आधारभूत संरचनाओं की समीक्षा करेगी। परीक्षा बोर्डों, आयोगों, विश्वविद्यालयों, विभागों, जिला प्रशासन तथा परीक्षा केंद्रों की भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों की भी समीक्षा की जाएगी।
परीक्षा प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में विफलता के लिए जवाबदेही तय करने तथा व्यवस्था में आवश्यक सुधार के लिए भी समिति अनुशंसा करेगी।
समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर तैयार करने की अनुशंसा
समिति परीक्षाओं, मूल्यांकन और परिणामों की घोषणा में होने वाली देरी के कारणों की समीक्षा करेगी तथा एक राज्य परीक्षा कैलेंडर की अनुशंसा करेगी। इसमें विज्ञापन, आवेदन, प्रवेश-पत्र निर्गमन, परीक्षा आयोजन, प्रोविजनल उत्तर कुंजी का प्रकाशन, आपत्तियों का निपटारा, अंतिम उत्तर कुंजी का प्रकाशन, मूल्यांकन, परिणाम की घोषणा तथा जांच/पैनल मूल्यांकन और अनुशंसा भेजने के लिए अधिकतम समय-सीमा निर्धारित करने का प्रावधान किया जा सकता है।
प्रश्न-पत्र निर्माण एवं परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था में सुधार
प्रश्न-पत्रों की तैयारी की पूरी प्रक्रिया की व्यापक समीक्षा की जाएगी। इसके तहत बहु-स्तरीय प्रश्न-पत्र सेटिंग, मॉडरेशन, प्रशिक्षित एवं सूचीबद्ध पेपर सेटर तथा प्रश्न-पत्रों के कठिनाई स्तर के मानकीकरण जैसी व्यवस्थाओं पर अनुशंसा की जाएगी।
परीक्षा सुरक्षा के तहत प्रश्न-पत्र सेटिंग, सुरक्षित भंडारण, परिवहन, वितरण, डिजिटल ट्रांसमिशन और अभिगम नियंत्रण की समीक्षा की जाएगी। परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, अभ्यर्थियों की पहचान, बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी, परीक्षकों, उत्तर पुस्तिकाओं के संग्रहण, परिवहन, सुरक्षित भंडारण, स्कैनिंग/डिजिटाइजेशन, मूल्यांकन एवं परिणाम प्रसंस्करण आदि का भी ऑडिट किया जाएगा।
समिति परीक्षा सामग्री की एंड-टू-एंड डिजिटल ट्रैकिंग, छेड़छाड़-रोधी पैकेजिंग, एन्क्रिप्टेड ट्रांसमिशन, मल्टी-फैक्टर प्रमाणीकरण, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, जियो-टैगिंग एवं जियो-फेंसिंग तथा साइबर सुरक्षा ऑडिट जैसे उपायों की व्यवहार्यता की भी जांच करेगी।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक का उपयोग
परीक्षा प्रणाली को आधुनिक और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए डिजिटल तकनीक, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा साइबर सुरक्षा उपकरणों के उचित उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना है।
साथ ही, परीक्षा सुधारों से ग्रामीण क्षेत्रों, आर्थिक रूप से कमजोर एवं डिजिटल रूप से कम जुड़े विद्यार्थियों को किसी प्रकार का नुकसान न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए भी समिति आवश्यक सुझाव देगी।
स्वतंत्र गुणवत्ता आश्वासन और ऑडिट व्यवस्था
समिति स्वतंत्र गुणवत्ता आश्वासन तथा परीक्षाओं के ऑडिट की प्रणाली विकसित करने की अनुशंसा करेगी, ताकि परीक्षा प्रक्रिया की नियमित समीक्षा हो सके और कमियों की पहचान कर समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
कानून एवं नियमों में आवश्यक संशोधन की भी होगी समीक्षा
समिति परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए वर्तमान कानूनों, नियमों, परीक्षा उप-नियमों, संस्थागत नियमों, गोपनीय प्रावधानों, कदाचार से संबंधित प्रावधानों, डेटा सुरक्षा एवं साइबर सुरक्षा आवश्यकताओं का अध्ययन करेगी तथा जहां आवश्यक होगा, वहां संशोधन की अनुशंसा करेगी।
विशेषज्ञों और संस्थाओं से लिया जा सकेगा परामर्श
समिति अपने कार्यों के निष्पादन के लिए आवश्यकता के अनुसार आयोगों, विश्वविद्यालयों, संस्थानों, जिला प्रशासन, राज्य भर्ती एजेंसियों, विषय विशेषज्ञों, तकनीकी संस्थानों, प्रौद्योगिकीविदों एवं अन्य संबंधित लोगों से परामर्श कर सकेगी। समिति द्वारा किए गए सभी परामर्श एवं पत्राचार को गोपनीय रखा जाएगा।
सरकार का उद्देश्य ऐसी परीक्षा व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर मिले, परीक्षा प्रक्रिया में विश्वास और पारदर्शिता मजबूत हो तथा तकनीक एवं आधुनिक सुरक्षा उपायों के माध्यम से परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
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