देशरत्न राजेंद्र प्रसाद शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में सावन महोत्सव : रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मनोहारी आयोजन

पटना, 25 अगस्त 2026

देशरत्न राजेंद्र प्रसाद शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, सदाकत आश्रम, पटना में आज सावन महोत्सव के अवसर पर भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और प्रशिक्षुओं की रचनात्मक प्रतिभा से सुसज्जित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बिहार विद्यापीठ के अध्यक्ष विजय प्रकाश ,भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवा निवृत्त वरिष्ठ पदाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रत्येक ऋतु और प्रत्येक पर्व को जीवन के आनंद, प्रकृति के सम्मान और सामाजिक सहभागिता से जोड़कर मनाने की समृद्ध परंपरा रही है। सावन महोत्सव इसी जीवंत सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन केवल मनोरंजन के माध्यम नहीं हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, लोक परंपराओं और भारतीय जीवन-मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी हैं। इन परंपराओं से हमें सद्भावना, सहयोग, सामंजस्य, प्रकृति-प्रेम और सामुदायिक सहभागिता की प्रेरणा मिलती है।

उन्होंने कहा कि शिक्षक-प्रशिक्षण संस्थानों की भूमिका केवल अकादमिक ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं है। भावी शिक्षक समाज के सांस्कृतिक वाहक भी होते हैं। इसलिए उनमें भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और मानवीय मूल्यों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

कार्यक्रम में सावन की आध्यात्मिकता, प्रकृति की हरितिमा, लोक जीवन की उमंग और भारतीय सांस्कृतिक चेतना का सुंदर समन्वय देखने को मिला।

भारतीय संस्कृति में सावन केवल वर्षा ऋतु का आगमन नहीं, बल्कि प्रकृति, जीवन, प्रेम, भक्ति और सामुदायिक उल्लास का उत्सव माना जाता है। सावन के गीतों, लोकनृत्यों, व्रत-परंपराओं और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से भारतीय समाज ने प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, परिवार एवं समुदाय के प्रति आत्मीयता तथा जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित किया है। इसी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने के उद्देश्य से महाविद्यालय में सावन महोत्सव का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं गणेश वंदना नृत्य से हुआ। बी.एड. प्रथम वर्ष के प्रशिक्षु विशाल कुमार ने गणेश वंदना की मनोहारी नृत्य प्रस्तुति देकर कार्यक्रम का आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण निर्मित किया।

कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं द्वारा शिव भजन, सावन गीत, कविता, लोकगीत, लोकनृत्य तथा विभिन्न रंगारंग नृत्य-नाटिकाओं की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। प्रस्तुतियों में सावन की मस्ती, भक्ति, लोकजीवन की सहजता तथा भारतीय संस्कृति की विविधता का सुंदर प्रतिबिंब दिखाई दिया। प्रशिक्षुओं की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरा परिसर सावन की सांस्कृतिक उमंग से सराबोर हो उठा।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण इसका सामूहिक एवं सहभागितापूर्ण स्वरूप रहा। संगीत की सहायक प्रोफेसर कंचन कुमारी के नेतृत्व में महाविद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से ‘ए गणेश के पापा’ भजन की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम का समापन किया। इस प्रस्तुति ने गुरुजन और प्रशिक्षुओं के बीच आत्मीयता, सहभागिता और सामूहिक आनंद का भाव और अधिक सशक्त किया।

कार्यक्रम के अवसर पर बिहार विद्यापीठ के सचिव डॉ. राणा अवधेश, निदेशक शिक्षा, संस्कृति एवं संग्रहालय डॉ. मृदुला प्रकाश, संयुक्त सचिव अवधेश के नारायण, ए.आई.सी. के सी.ओ.ओ. प्रमोद कुमार कर्ण, महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. पूनम वर्मा, सभी शिक्षकगण, प्रशिक्षुगण एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का अत्यंत प्रभावी एवं कुशल मंच संचालन बी.एड. प्रथम वर्ष के प्रशिक्षु अभिनव कश्यप एवं हिना परवीन ने किया। उन्होंने अपनी वाक्पटुता और मंच संचालन कौशल से पूरे कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा।

संपूर्ण कार्यक्रम का समन्वय संगीत एवं कला विभाग तथा सांस्कृतिक विभाग के शिक्षकों रिंपल कुमारी, कंचन कुमारी एवं डॉ. रीना चौधरी के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में महाविद्यालय के शिक्षक, प्रशिक्षु एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का सराहनीय सहयोग रहा।

कार्यक्रम के अंत में सभी आगत अतिथियों, प्रतिभागियों, शिक्षकों, प्रशिक्षुओं एवं आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published.