पटना/दानापुर,11 सितम्बर 2026

दानापुर स्थित ‘स्कूल ऑफ क्रिएटिव लर्निंग’ में दो दिवसीय ‘साहित्योत्सव’ का भव्य शुभारंभ हुआ। पहले दिन हिंदी एवं संस्कृत भाषा और साहित्य को समर्पित विविध सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। समारोह का उद्घाटन पारंपरिक स्वागत आरती एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन विद्यालय के चेयरमैन विजय प्रकाश, प्राचार्या डॉ. मृदुला प्रकाश, विशिष्ट अतिथि पूर्व सीमा शुल्क आयुक्त मिहिर रंजन एवं वंदना रंजन, हिंदी शिक्षिका शिवानी कुमारी व रंजू सिन्हा तथा संस्कृत शिक्षक शिवदानी ने संयुक्त रूप से किया।

समारोह को संबोधित करते हुए चेयरमैन विजय प्रकाश ने साहित्य के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “साहित्य केवल पढ़ने का विषय नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन को संवारता है। साहित्य के उच्च विचारों को जीवन में आत्मसात कर उन्हें आचरण में उतारना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।” विशिष्ट अतिथि मिहिर रंजन ने अपने संबोधन में संस्कृत भाषा के संवर्धन और दैनिक व्यवहार में उसके प्रयोग के व्यावहारिक उपाय साझा किए।

इस अवसर पर नन्हे-मुन्ने से लेकर वरिष्ठ विद्यार्थियों तक ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। कक्षा 5 के छात्रों के ‘संस्कृत जयघोष’ और कक्षा 1 की छात्रा मिस्टी की प्रार्थना से मंच गूंज उठा। इसके बाद कक्षा 6 के विद्यार्थियों ने ‘मधुराष्टकम्’ का सस्वर पाठ किया। यूकेजी की अनन्या ने कविता व कहानी तथा एलकेजी की सताक्षी सिन्हा ने कविता पाठ से सबका मन मोह लिया। एलकेजी की नन्हीं हिमांशी ने कबीर के दोहे, कक्षा 1 की रागिनी ने ‘कृष्णा दही रक्षक’ गीत और कक्षा 3 की श्रेया ने रहीम के नीतिपरक दोहों का सुंदर वाचन किया। कक्षा 9 के विद्यार्थियों का शास्त्रीय नृत्य, कक्षा 3 व 4 का समूह नृत्य, कक्षा 6 व 8 का ‘कवि परिचय’ तथा कक्षा 8 के छात्रों द्वारा प्रस्तुत ‘कवि सम्मेलन’ समारोह के मुख्य आकर्षण रहे।

समापन सत्र में प्राचार्या डॉ. मृदुला प्रकाश ने भाषा शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे साहित्योत्सव बच्चों को उनकी समृद्ध भाषाई विरासत से जोड़ते हैं। अंत में विद्यार्थियों द्वारा भाषा और साहित्य पर आधारित मॉडल एवं प्रोजेक्ट प्रदर्शनी लगाई गई, जिसे अतिथियों ने खूब सराहा।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published.