पटना 13 सितम्बर 2026

सहरसा सदर अस्पताल में बच्चों के इलाज के दौरान चिकित्सक एवं पत्रकारों के बीच हुए विवाद के संबंध में अस्पताल प्रशासन ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। सदर अस्पताल के अधीक्षक ने बताया कि 12 सितंबर को कहरा प्रखंड से मिड-डे-मील खाने से बीमार बच्चों को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया था। बच्चों को चिकित्सकीय सलाह दी जा रही थी। इसी दौरान विभिन्न मीडिया बंधुओं एवं अन्य चैनलों के पत्रकारों द्वारा बिना पूर्व अनुमति बच्चों एवं उनके परिजनों से बयान लेने का प्रयास किया जा रहा था, जिससे बच्चों के इलाज में परेशानी उत्पन्न हो रही थी।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, प्रभारी अधीक्षक एवं अन्य चिकित्सकों द्वारा सभी पत्रकारों से बच्चों के उपचार में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो, इसके लिए आपातकालीन वार्ड से बाहर जाने का अनुरोध किया गया। इसके बावजूद कुछ पत्रकारों के अनुरोध करने के बाद भी बाहर नहीं जाने पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई।

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि इसी दौरान अभिषेक कुमार द्वारा प्रभारी अधीक्षक से कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों में बातचीत की गई तथा प्रभारी अधीक्षक, कार्यरत चिकित्सक एवं अन्य कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार एवं गाली-गलौज की गई। इसके बाद आपातकालीन वार्ड से बाहर निकलने के क्रम में आपातकालीन वार्ड का दरवाजा एवं शीशा तोड़ दिया गया, जिसमें चेतन कुमार नामक पत्रकार के भी शामिल होने की बात पत्र में कही गई है।

इस घटना के दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों एवं भर्ती मरीजों में अफरातफरी का माहौल उत्पन्न हो गया तथा मारपीट की स्थिति भी बनी, जिसमें कई कर्मियों को चोट लगने की बात अस्पताल प्रशासन ने कही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय थाना एवं जिला पदाधिकारी, सहरसा को दूरभाष पर सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को सामान्य कराया।

अस्पताल प्रशासन ने यह भी बताया कि घटना में शामिल पत्रकारों के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने, सरकारी सामान को क्षति पहुंचाने तथा प्रभारी अधीक्षक के साथ गाली-गलौज एवं अभद्र व्यवहार किए जाने के आरोप में स्थानीय सदर थाना के थानाध्यक्ष को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए आवेदन सौंपा गया है।

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