पटना, 21 सितम्बर 2026

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में ‘बिहार ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2026 के प्रारूप को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में विस्तृत चर्चा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से ‘बिहार में ग्रीन हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था का निर्माण, लक्ष्य, प्रोत्साहन एवं कार्यान्वयन’ के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

बैठक में ‘राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के वर्ष 2030 तक के लक्ष्यों, बिहार में ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन एवं उपयोग की संभावनाओं तथा प्रस्तावित बिहार ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2026 के विभिन्न प्रावधानों पर चर्चा की गई। राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन का लक्ष्य वर्ष 2030 तक देश में प्रतिवर्ष कम-से-कम 5 मिलियन मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता विकसित करना है। प्रस्तावित बिहार ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2026 के तहत राज्य में लगभग 16,000 करोड़ रूपये के निवेश की संभावना है। इससे लगभग 12,000 रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन-2030 के लक्ष्यों के अनुरूप राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन एवं उपयोग को बढ़ावा देने के लिये कार्य करें ताकि राज्य में स्वच्छ ऊर्जा, हरित तकनीक और सतत विकास को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन, उपयोग, निवेश को प्रोत्साहित करने तथा इसके लिए आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित करने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बरौनी रिफाइनरी एवं हिन्दुस्तान उर्वरक रसायन लिमिटेड के अधिकारियों से समन्वय कर बिहार के अन्य क्षेत्रों में भी हाइड्रोजन प्लांट स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा की जाए। राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन एवं उपयोग की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए संबंधित उद्योगों और संस्थानों के साथ समन्वय कर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाए।

बैठक में ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, वित्त विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे ।

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