पटना, 28 सितंबर 2026
बिहार विद्यापीठ के अध्यक्ष विजय प्रकाश ने कहा है कि आज के ए.आई. के युग में काव्य पाठ जैसे कौशल को विशेष रूप से प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। वे सोमवार को देशरत्न राजेन्द्र प्रसाद शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित काव्य पाठ प्रतियोगिता में प्रशिक्षुओं को संबोधित कर रहे थे।

श्री विजय प्रकाश ने कहा कि विद्यालयों और महाविद्यालयों में काव्य लेखन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। कविता लेखन का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि कई प्रबंधन संस्थानों में भी कविता लिखना सिखाया जाता है। उन्होंने अपने आशीर्वचनों से भावी शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया और उनका मनोबल बढ़ाया।
निदेशक (शिक्षा, संस्कृति एवं संग्रहालय) डॉ. मृदुला प्रकाश ने भी प्रशिक्षुओं को संबोधित किया। अपनी ओजस्वी वाणी में उन्होंने प्रशिक्षुओं को हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

प्रशिक्षुओं ने दिखाई काव्य प्रतिभा
दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम शुरू हुआ। बी.एड. और डी.एल.एड. के प्रशिक्षुओं ने विभिन्न भावों और विषयों पर कविताएँ सुनाईं। इन प्रस्तुतियों से पूरा सभागार काव्यमय हो उठा।
प्रतियोगिता में डी.एल.एड. द्वितीय वर्ष की शालू कुमारी प्रथम और इसी वर्ष के प्रियेश कुमार द्वितीय रहे। बी.एड. प्रथम वर्ष की गुनगुन सीतारिया को तृतीय और मानवी कुमारी को चतुर्थ स्थान मिला। बी.एड. द्वितीय वर्ष की श्रुति कुमारी पंचम रहीं।
विजेताओं का चयन निर्णायक मंडल ने किया। मंडल में बिहार विद्यापीठ के अपर सचिव श्यामानंद चौधरी, संयुक्त सचिव अवधेश के. नारायण और ए.आई.सी. के सी.ओ.ओ. प्रमोद कर्ण शामिल थे। प्रस्तुति, भावाभिव्यक्ति, उच्चारण, विषय-वस्तु और शैली को चयन का आधार बनाया गया। विजेताओं को प्रमाण-पत्र और मेडल से सम्मानित किया गया। सभी प्रतिभागियों को प्रतिभागिता प्रमाण-पत्र भी दिए गए।
भाषा विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. रीना चौधरी और मंजरी चौधरी ने सांस्कृतिक विभाग के सहयोग से कार्यक्रम का समन्वयन किया। अतिथियों का स्वागत मंजरी चौधरी ने और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रीना चौधरी ने किया। मंच संचालन बी.एड. प्रथम वर्ष के प्रशिक्षु सपना और अभिनय कश्यप ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सहायक प्रोफेसर, शिक्षकेतर कर्मचारी और प्रशिक्षु उपस्थित रहे।
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