पटना, 31 अक्टूबर 2026

सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो के माध्यम से सहरसा जिले में ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जाने का मामला विभाग के संज्ञान में आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित सड़क का स्थल निरीक्षण एवं तकनीकी जाँच कराई गई। जाँच में सड़क निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप एवं संतोषजनक पाया गया।

मामला सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड अंतर्गत खजुरी गोठ से बंचोलहा गोठ तक आरआरएसएमपी (जनरल) योजना के तहत निर्मित 0.850 किलोमीटर लंबी सड़क से संबंधित है। जाँच में पाया गया कि वायरल वीडियो में एसडीबीसी (Semi Dense Bituminous Concrete) निर्माण के दौरान बिछाई गई खुली सामग्री को दिखाया गया है, जिसका रोड रोलर से संपीड़न किया जाना शेष था। इस प्रकार वीडियो में निर्माण कार्य की प्रक्रियाधीन अवस्था को दर्शाया गया था, न कि कार्य पूर्ण होने के बाद सड़क की वास्तविक स्थिति को।

अधीक्षण अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, सहरसा द्वारा किए गए स्थल निरीक्षण के दौरान सड़क की गुणवत्ता की विस्तृत तकनीकी जाँच की गई। सड़क के दो अलग-अलग स्थानों पर किए गए परीक्षण में इसकी चौड़ाई 3.750 मीटर तथा एसडीबीसी की मोटाई निर्धारित 25 मिलीमीटर के अनुरूप पाई गई। वहीं, निर्माण सामग्री के प्रयोगशाला परीक्षण में बिटुमेन की मात्रा क्रमशः 4.6 प्रतिशत एवं 4.5 प्रतिशत पाई गई, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप है।

निर्माण कार्य में पर्यावरण संरक्षण का भी रखा गया ध्यान

सड़क निर्माण में भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी तकनीकी दिशा-निर्देशों के अनुरूप बिटुमिनस मिश्रण में 7 प्रतिशत वेस्ट प्लास्टिक का उपयोग किया गया है। निर्माण कार्य में अपशिष्ट प्लास्टिक का उपयोग न केवल प्लास्टिक कचरे के प्रभावी प्रबंधन में सहायक है, बल्कि पर्यावरण अनुकूल निर्माण तकनीक को भी बढ़ावा देता है।

उल्लेखनीय है कि उक्त सड़क के एसडीबीसी कार्य की गुणवत्ता की जाँच पूर्व में विभाग की जाँच एवं गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला, सहरसा द्वारा भी की गई थी। इसके अतिरिक्त, विभागीय निर्देश के आलोक में पुनः स्थल निरीक्षण किया गया तथा निर्माण सामग्री के नमूनों का परीक्षण कराया गया। दोनों स्तरों पर की गई जाँच में निर्माण कार्य संतोषजनक पाया गया।

विभागीय जाँच प्रतिवेदन के अनुसार सोशल मीडिया पर वीडियो के माध्यम से लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं हुए हैं। साथ ही, जाँच में किसी प्रकार की वित्तीय क्षति भी परिलक्षित नहीं हुई। संबंधित अभियंताओं को सड़क के शेष कार्यों, यथा रोड फर्नीचर, फ्लैंक में मिट्टी भराई एवं रोड मार्किंग आदि को निर्धारित मानकों के अनुरूप शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

ग्रामीण कार्य विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण, टिकाऊ एवं सुरक्षित सड़क संपर्कता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग द्वारा सभी निर्माण कार्यों में निर्धारित तकनीकी मानकों एवं गुणवत्ता संबंधी दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाता है।

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