पटना 31 अक्टूबर 2026
गंगा देवी महिला महाविद्यालय, पटना की आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) द्वारा 31 अक्टूबर 2026 को सतर्कता जागरूकता सप्ताह (Vigilance Awareness Week) के अवसर पर एक विशेष व्याख्यान एवं सतर्कता शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” (Probity for Prosperity) रही। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज एवं संस्थानों में ईमानदारी, पारदर्शिता, जवाबदेही तथा भ्रष्टाचार मुक्त कार्यसंस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत संबोधन के साथ हुआ। मंच संचालन करते हुए श्वेता गुप्ता, सहायक प्राध्यापक, वनस्पति विज्ञान विभाग ने अतिथियों एवं उपस्थित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्राओं का स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी सशक्त एवं विकसित समाज की नींव ईमानदारी, नैतिकता और उत्तरदायित्व पर आधारित होती है।

इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या एवं संरक्षिका प्रो. (डॉ.) श्यामा राय ने मुख्य वक्ता अतुल सिन्हा, पूर्व मुख्य सतर्कता अधिकारी, नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) एवं IFCI लिमिटेड का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया। तत्पश्चात डॉ. बिमला चौधरी द्वारा प्राचार्या प्रो. (डॉ.) श्यामा राय को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में प्राचार्या प्रो. (डॉ.) श्यामा राय ने अपने संबोधन में नैतिक मूल्यों, पारदर्शिता एवं ईमानदारी को संस्थागत विकास का आधार बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिकता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अतुल सिन्हा ने अपने विशेष व्याख्यान में सतर्कता, भ्रष्टाचार की रोकथाम, पारदर्शी प्रशासन तथा सार्वजनिक जीवन में नैतिक आचरण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ करना चाहिए।
इसके पश्चात डॉ. भव्या झा ने उपस्थित सभी अतिथियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों एवं छात्राओं को सतर्कता शपथ दिलाई। सभी ने ईमानदारी, निष्पक्षता एवं भ्रष्टाचार के विरुद्ध जागरूक रहने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. बिमला चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, प्राचार्या, IQAC के सदस्यों, सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों एवं छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम की सफलता में योगदान देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम का समापन ईमानदारी, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने के संदेश के साथ हुआ।
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