पटना, 04 नवम्बर 2026
मुख्यमंत्री सह बिहार फाउंडेशन के संरक्षक सम्राट चौधरी ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ सभागार में बिहार फाउंडेशन की नव निर्मित वेबसाइट एवं बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 के पोर्टल का शुभारंभ किया। इसके साथ ही ‘बिहार है तैयार’ कार्यक्रम की शुरुआत भी की गई। इस अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश-विदेश से बिहार फाउंडेशन के सभी 55 चैप्टरों के प्रतिनिधि जुड़े हुये थे। बिहार फाउंडेशन के यू०एस०ए० के न्यूयॉर्क चैप्टर से प्रतिनिधि आलोक कुमार, टेक्सास चैप्टर से प्रतिनिधि प्रिंस जी, थाईलैंड चैप्टर से अमित कुमार, जापान चैप्टर से आनंद जी, ऑस्ट्रेलिया चैप्टर से पुष्कर जी, मॉस्को चैप्टर से डॉ० श्वेता सिंह, जर्मनी चैप्टर से प्रकाश शर्मा, घाना चैप्टर से अमृता पांडे, युगांडा चैप्टर से रघुनाथ प्रसाद तथा भारत के अहमदाबाद चैप्टर से दुर्गा दत्त ने मुख्यमंत्री से संवाद किया। संवाद के दौरान प्रतिनिधियों ने बिहार में हो रहे बदलाव की तारीफ की और अपने-अपने देश में बिहार की बदलती छवि की चर्चा की। सभी प्रतिनिधियों ने बिहार की समृद्धि में अपने योगदान देने के संकल्प को व्यक्त किया और बिहार में उद्योग के विकास के लिये अपने सहयोग की बात कही।

इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार फाउंडेशन की नव-निर्मित वेबसाइट एवं बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 के पोर्टल के शुभारंभ कार्यक्रम में आप सभी का स्वागत करते हैं। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि हम बिहारी हैं और बिहार की समृद्धि की कामना करते हैं। बिहार को समृद्ध बनाने का रास्ता कैसे तैयार किया जाए, इस दिशा में हम सभी मिलकर काम कर रहे हैं। हम सभी बिहारियों का दायित्व है कि बिहार को समृद्ध बनाने में अपना योगदान दें। हमारी कर्मभूमि चाहे कहीं भी हो, लेकिन अपनी जन्मभूमि को संवारना भी हमारा ही दायित्व है। बिहार के गौरवशाली इतिहास और प्रतिष्ठा को फिर से स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने बिहार में बुनियादी जरूरतों को पूरा करने की दिशा में कार्य किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने उन प्रयासों को और गति प्रदान की। अब बिहार तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। आप सभी बिहार के ब्रांड एंबेसडर हैं। देश-विदेश में रहकर आप बिहार की पहचान को मजबूत करने और राज्य में निवेश एवं विकास की संभावनाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत तथा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के समृद्ध बिहार के सपने को पूरा करने के लिये हम सब को मिलकर काम करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार फाउंडेशन का उद्देश्य देश-विदेश में रह रहे बिहार मूल के लोगों को अपनी मातृभूमि से जोड़ना तथा उनके अनुभव, ज्ञान, कौशल एवं संसाधनों का उपयोग बिहार के विकास में करना है। बिहार फाउंडेशन के कार्य मुख्य रूप से तीन स्तंभों-बॉन्डिंग (जुड़ाव), ब्रांडिंग (पहचान) एवं बिजनेस (व्यापार एवं निवेश) पर आधारित हैं। बिहार फाउंडेशन प्रवासी बिहारियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ राज्य की सकारात्मक छवि को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार फाउंडेशन में कुल 55 चैप्टर कार्यरत हैं, जिनमें 31 अंतर्राष्ट्रीय एवं 24 राष्ट्रीय चैप्टर शामिल हैं। आनेवाले समय में इसको और बढ़ाने के लक्ष्य पर हमलोग काम करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में आधारभूत संरचना के विकास का कार्य काफी तेजी से चल रहा है। बिहटा में ड्राई पोर्ट शुरू हो चुका है। पटना, दरभंगा और गया जी से अधिक से अधिक अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें शुरू हों, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। नदियों में गाद की समस्याओं के समाधान तथा उनके समुचित प्रबंधन के लिए गाद नीति लायी गयी है। उन्होंने कहा कि बिहार के मंत्री एवं अधिकारी विभिन्न देशों का दौरा करेंगे, ताकि वहां उपलब्ध तकनीक, निवेश एवं विकास के बेहतर अवसरों को बिहार से जोड़ा जा सके। बिहार के डॉक्टरों को भी एक मंच पर लाने के उद्देश्य से राज्य में बिहारी डॉक्टरों का एक सेमिनार आयोजित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में टाउनशिप को विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है, इससे विकास के साथ-साथ राजस्व के नए स्रोत भी तैयार होंगे। राज्य में उद्योग को बढ़ाने के लिये नई पॉलिसी लायी गयी है। इको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। विभिन्न परियोजनाओं को पी०पी०पी० मोड पर विकसित करने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में उद्योगों की स्थापना के लिए अगले कुछ महीनों में 20 हजार एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जा रहा है। राज्य में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव आये हैं और इस दिशा में एम०ओ०यू० भी किए जा रहे हैं। यह बिहार की बदलती औद्योगिक तस्वीर और निवेश की बढ़ती संभावनाओं को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने प्रवासी बिहारियों से अपील करते हुए कहा कि वे बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 से जुड़ने का प्रयास करें तथा अपने-अपने देशों एवं क्षेत्रों के उद्योगपतियों और निवेशकों को भी इससे जोड़ें। बिहार में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। आप सभी अपने संपर्कों और अनुभवों का उपयोग कर राज्य में उद्योग एवं रोजगार के नए अवसर सृजित करने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यदि विदेशों में उद्योगों को कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता है तो बिहार सरकार इस दिशा में ज्वाइंट वेंचर की संभावनाओं पर भी काम कर सकती है, ताकि बिहार के कुशल युवाओं को देश-विदेश में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के विकास में यहां के लोगों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। बिहार फाउंडेशन के माध्यम से देश-विदेश में रह रहे बिहारियों को एकजुट कर राज्य की आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक प्रगति में उनकी सहभागिता सुनिश्चित की जा सकती है। बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 इस दिशा में निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसरों को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
कार्यक्रम में उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने पौधा भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इसके पश्चात उन्होंने बिहार फाउंडेशन के गठन, उद्देश्यों, हालिया उपलब्धियों विभिन्न पहलों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

एवं कार्यक्रम में देश-विदेश के विभिन्न चौप्टर से जुड़े प्रतिनिधि ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए। इस दौरान बिहार फाउंडेशन के पोर्टल के संबंध में एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री एवं बिहार फाउंडेशन के सह-अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह तथा मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
इस अवसर पर परिवहन मंत्री दामोदर रावत, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, श्रम संसाधन एवं श्रमिक कल्याण मंत्री अरूण शंकर प्रसाद, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर, गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार, विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव/ प्रधान सचिव/सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह तथा अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
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