गया 12 जून 2024
पंडित ना पुजारी, हल्दी ना कलशा, मड़वा ना मटकोर, बस गले में डाली माला और हो गए एक दूजे के। वही वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाने, समाज के विकास व समृद्धि की ली प्रतिज्ञा। बीते मंगलवार की रात जिले के झारखंड सीमा पर स्थित बाराचट्टी प्रखंड के जीटी रोड के किनारे बसे मनवाझोड़ गांव में संपन्न हुआ।

मानववादी संगठन अर्जक संघ के बैनर तले गांव के सोमर सिंह भोक्ता की 19 वर्षीय बेटी उर्मिला कुमारी का विवाह बिना तिलक दहेज व आडंबर रहित शादी पड़ोसी राज्य झारखंड के सीमा पर स्थित हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड के अहरी टोला नावाडीह गांव के उत्तम गंजू के 20 वर्षीय बेटे सुनील कुमार के साथ संपन्न हुई। अर्जक संघ के जिलामंत्री सह पत्रकार विनोद विरोधी की अध्यक्षता में आयोजित वैवाहिक कार्यक्रम में मानववादी चिंतक वीरेंद्र कुमार अर्जक ने वर-वधू को प्रतिज्ञापन कराकर वैवाहिक कार्यक्रम को संपन्न कराया। उन्होंने महापुरुषों को स्मरण करते हुए समाज में व्याप्त आडंबरों को दूर करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अर्जक संघ द्वारा कराए जा रहे इस तरह की शादियां सामाजिक बदलाव के संकेत हैं। यह महज शादी नहीं बल्कि आंदोलन है जिसे हर युवा को अपनाने की जरूरत है ताकि समाज में फैले कुरीतियों व शोषण से छुटकारा हो सके। इस मौके पर आए लोक गायिका कुमारी सविता ने अपने मानववादी गीतों के माध्यम से उपस्थित जनसमूह के बीच वैवाहिक कार्यक्रम को आकर्षक बनाए रखा।वहीं इस वैवाहिक कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोगों में सामाजिक कार्यकर्ता हरेंद्र सिंह भोक्ता, कैलाश प्रसाद, पूर्व मुखिया जानकी यादव, राजेंद्र प्रसाद मेहता ,सुरेश प्रसाद, भिखारी अर्जक, संजय मंडल आदि ने अपने विचार प्रकट करते हुए वर-वधू को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं व्यक्त किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं व पुरुष मौजूद थे जिन्होंने वर-वधू के वैवाहिक कार्यक्रम को भूरी भूरी प्रशंसा की।