पटना, 25 जुलाई 2026
बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को दुखद बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में देश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में देश को नई शिक्षा नीति (एनईपी) प्राप्त हुई, जिसने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक एवं दूरगामी सुधारों का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शिक्षा क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए।

उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा के संबंध में उत्पन्न परिस्थितियों के बाद दूसरी बार परीक्षा का सफलतापूर्वक आयोजन कराया गया तथा उसका परिणाम भी निर्धारित समय से पहले घोषित किया गया।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ने NEET-2026 की परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक की पारदर्शी जांच के देश को अपील करते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट चलाकर दोषियों को सख्त सजा देने का जो निर्णय लिया है, उससे इस षड्यंत्र में शामिल लोगों को किसी कीमत में बख्शा नहीं जाएगा। यह कठोर और न्यायसंगत निर्णय माननीय प्रधानमंत्री के उच्च प्रशासनिक कौशल, पारदर्शिता और कार्यकुशलता का प्रमाण है।
श्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली सरकार पर कोई आरोप नहीं है। धर्मेंद्र प्रधान ने अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ किया। उन्होंने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर युवाओं, देश और लोकतंत्र के हित में अपने पद का त्याग कर उच्च लोकतांत्रिक परंपराओं का परिचय दिया है।
शिक्षा मंत्री ने कहा, “हम धर्मेंद्र प्रधान के त्याग, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना को सैल्यूट करते हैं। उनका योगदान देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य के निर्माण में सदैव स्मरणीय रहेगा।
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