पटना 13 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में पटना में विभिन्न भूमि खंडों के पुनर्विकास एवं निर्माण कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक की। इस दौरान पटना के सुनियोजित विकास, सरकारी भूमि के बेहतर उपयोग तथा आधुनिक आधारभूत संरचनाओं के निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। बैठक में नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एन०बी०सी०सी०) द्वारा

पटना में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के निर्माण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। साथ ही बिहार म्यूजियम नेहरू पथ के सामने स्थित भूमि खंड, गर्दनीबाग स्थित भूमि खंड, भूतनाथ सेक्टर 6 स्थित भूमि खंड, बोरिंग कैनाल रोड स्थित भूमि खंड के पुनर्विकास हेतु भी प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।
बिहार म्यूजियम, नेहरू पथ के सामने, गर्दनीबाग, भूतनाथ सेक्टर- 6 एवं बोरिंग कैनाल रोड स्थित भूमि खंड के पुनर्विकास हेतु एन०बी०सी०सी० का प्रस्ताव। गया, भागलपुर, बेगूसराय एवं दरभंगा जैसे शहरों में भी उपयुक्त सरकारी भूमि को चिह्नित कर विकास की समेकित योजना तैयार करने पर बनी सहमति।

मुख्य बिंदु :
- पटना के समग्र एवं सुनियोजित विकास के लिए सरकारी भूमि और परिसंपत्तियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। निर्माण कार्यों में आधुनिक तकनीक, पर्यावरणीय मानकों एवं ‘जीरो वेस्ट मॉडल’ को अपनाने पर विशेष जोर।
- समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना को आधुनिक एवं वैश्विक स्तर के शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में ऐसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाय। पटना में उपलब्ध विभिन्न सरकारी भूमि खंडों के पुनर्विकास की कार्ययोजना तैयार करने का प्रस्ताव अच्छा है। इस क्रम में NBCC द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में निर्माण एवं पुनर्विकास के लिए मॉडल तैयार किए जाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि पुराने एवं जर्जर सरकारी भवनों के स्थान पर आवश्यकता के अनुरूप पुनर्निर्माण एवं नए निर्माण का कार्य कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने ‘पाटलिपुत्र टाउनशिप’ में लगभग 2,000 एकड़ भूमि तथा अन्य टाउनशिप में 1000 एकड़ भूमि में टाउनशिप के निर्माण एवं पुनर्विकास की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही पटना सहित गया, भागलपुर, बेगूसराय एवं दरभंगा जैसे शहरों में भी उपयुक्त सरकारी भूमि को चिह्नित कर विकास की समेकित योजना तैयार करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने पटना के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध भूमि को चिह्नित कर मास्टर प्लान तैयार करने तथा सरकारी परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग के निर्देश दिया। साथ ही निर्माण कार्यों में आधुनिक तकनीक, पर्यावरणीय मानकों एवं ‘जीरो वेस्ट मॉडल’ को अपनाने पर भी विशेष जोर दिया।
प्रस्ताव के अनुसार पटना में विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 4,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है, जबकि इन परियोजनाओं से लगभग 8,000 करोड़ रुपये का राजस्व सृजन होने का अनुमान है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि का शीघ्रता से चिह्नीकरण कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए तथा निर्माण एवं पुनर्विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि पटना के समग्र एवं सुनियोजित विकास के लिए सरकारी भूमि और परिसंपत्तियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में नगर विकास एवं आवास सह सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, ग्रामीण कार्य सह सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव अनिमेष परासर, नगर विकास एवं आवास विभाग के विशेष सचिव नीलेश रामचन्द्र देवरे, पटना के नगर आयुक्त यशपाल मीणा, एन०बी०सी०सी० के चेयरमैन डॉ० के०पी० महादेव स्वामी सहित एन०बी०सी०सी० के अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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