पटना 27 सितम्बर 2026
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि निजी विद्यालय संचालक अपने आसपास के किसी एक सरकारी विद्यालय का पालक बनकर उसके शैक्षणिक और आधारभूत विकास में सहयोग करें। सरकारी और निजी विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय से बिहार की स्कूली शिक्षा को और मजबूत बनाया जा सकता है।

श्री तिवारी रविवार को पटना के रवीन्द्र भवन में प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित 14वें शिक्षक सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया।
समारोह की खास विशेषता यह रही कि निजी विद्यालयों के करीब दो हजार शिक्षक-शिक्षिकाओं ने शिक्षा मंत्री के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 138वें संस्करण का श्रवण किया। इस दौरान शिक्षकों ने प्रधानमंत्री के विचारों और संदेशों को ध्यानपूर्वक सुना।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में निजी विद्यालयों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। करीब तीन दशक पहले जब राज्य की स्कूली शिक्षा कई चुनौतियों से गुजर रही थी, तब निजी विद्यालयों ने शिक्षा के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। राज्य सरकार और शिक्षा विभाग निजी विद्यालयों के प्रति संवेदनशील हैं।
श्री तिवारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि निजी विद्यालय संचालकों से जुड़े वैधानिक कार्यों का समय पर और त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निजी विद्यालय संचालकों से भी सरकार और शिक्षा विभाग के प्रयासों में सहयोग करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ उनमें संस्कार, नवाचार और नेतृत्व की भावना विकसित करना भी जरूरी है। इसके लिए सरकारी और निजी विद्यालयों के बीच सहयोग और संवाद को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
शिक्षा मंत्री ने अपनी पहल ‘हमारा विद्यालय, हमारा स्वाभिमान’ का उल्लेख करते हुए कहा कि जो लोग सरकारी विद्यालयों में पढ़कर आगे बढ़े हैं, वे अपने पुराने विद्यालयों से जुड़कर उनके विकास में योगदान दें। निजी विद्यालय संचालक भी अपने आसपास के सरकारी विद्यालयों को सहयोग देकर वहां पढ़ने वाले बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम में एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमायल अहमद, फ़ैज़ अहमद, सुरेश सिंह सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए निजी विद्यालयों के संचालक एवं शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
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