पटना,12 फरवरी 2025

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि बिहार में टीबी उन्मूलन अभियान में अब आयुष्मान भारत – हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कार्यरत कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) की सक्रिय भागीदारी होगी। सीएचओ हर एक पंचायत एवं ग्रामवार टीबी रोगियों की अद्यतन लाइनलिनस्ट तैयार करेगें। सीएचओ इस लाइन लिस्ट को हर 15 दिनों पर तथा आशा दीदी हर सप्ताह रोगी से मिल कर उपचार की देखरेख करेगी। आषा दीदी रोगी से संपर्क में रहने वाले परिवार के सदस्यों में टीबी स्क्रीनिंग कर प्रखंड स्तर पर एक्स रे एवं ट्रू नेट या सीबी नैट द्वारा बलगम जांच के लिए भेजेगें।

श्री पांडेय ने बताया कि सीएचओ गर्भवती महिलाओं एवं प्रसव पूर्व देखभाल के दौरान कुपोषित बच्चे एवं 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों में टीबी की स्क्रीनिंग नियमित रूप से करेंगे। इसे वह निक्षय पोर्टल पर प्रविष्ट भी करेंगे। इस संबंध में सीएचओ अपने कार्य क्षेत्र में आयुष्मान भारत – हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की मैपिंग, संभावित टीबी मरीजों का नामांकन,घरेलू संपर्कों का पता लगाने एवं टीबी निवारक उपचार पर प्रशिक्षित होगें। इस सम्बन्ध में स्वास्थ्य विभाग ने सभी सिविल सर्जन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिया है।

श्री पांडेय ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए राज्य में अनेक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। अभी राज्य के चयनित जिलों में सौ दिवसीय सघन टीबी अभियान भी चलाया जा रहा है। राज्य के टीबी मरीजों को उचित पोषण के लिए उनके खाते में निक्षण पोषण की राशि भी दी जा रही है। नियमित तौर पर टीबी पर लोगों के बीच जागरूकता,टीबी मरीजों की पहचान के साथ टीबी से जल्द संक्रमित होने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। विभाग अधिक से अधिक निक्षय मित्र के जरिए टीबी मरीजों को पोषण सहायता प्रदान कराने पर जोर भी दे रहा है ।

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