नई दिल्ली 01 फरवरी 2026
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए कहा कि सीमा और केंद्रीय शुल्क के लिए किए गए प्रस्तावों का उद्देश्य शुल्क संरचना में सरलता, घरेलू विनिर्माण को सहायता, निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को प्रोत्साहन प्रदान करने के साथ-साथ शुल्क को व्यवस्थित करना है।

जीवन जीने की सुगमता
केंद्रीय बजट में सीमा शुल्क ढांचे को युक्तिसंगत बनाते हुए निजी उपयोग के लिए आयातित सभी शुल्क योग्य वस्तुओं पर प्रशुल्क दर को 20 प्रतिशत से 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है। रोगियों, विशेष रूप से कैंसर से प्रभावित रोगियों को राहत प्रदान करने की दिशा में बजट में 17 औषधियों अथवा दवाओं पर मूल सीमा शुल्क में छूट दी जाएगी। इसके अलावा बजट में 7 अतिरिक्त असाधारण रोगों के लिए कैंसर रोगियों के इलाज में उपयोग की जाने वाली औषधियों और एफएसएमपी के निजी आयातों पर आयात शुल्क से छूट का प्रावधान किया गया है।
केंद्रीय बजट में यात्रियों की वास्तविक चिंताओं का समाधान करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय यात्रा के दौरान समान निकासी को शासित करने वाले प्रावधानों के संशोधन का प्रस्ताव किया गया है। संशोधित नियमों से वर्तमान समय की यात्रा संबंधी वास्तविकताओं के अनुरूप, शुल्क-मुक्त भत्ते में वृद्धि होगी और अंदर लाई गई अथवा बाहर ले जाई गई वस्तुओं की अस्थायी ढुलाई में स्पष्टता आएगी।
सीमा शुक्ल प्रक्रिया
बजट में वस्तुओं के सुगम और त्वरित संचालन तथा व्यापार में अधिक निश्चितता के लिए कम से कम हस्तक्षेप करने के लिए कई उपायो का प्रस्ताव किया गया है।
विश्वास आधारित प्रणालियां
बजट में टियर 2 और टियर 3 प्राधिकृत आर्थिक प्रचालकों के लिए शुल्क स्थगन अवधि को 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन करने का प्रस्ताव किया गया है। बजट में पात्र विनिर्माताओं आयातकों को समान शुल्क स्थगन सुविधा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव किया गया है। इससे उन्हें नियत समय पर पूर्ण टियर 3-एईओ के रूप में अपना प्रतयायन प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
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