जहानाबाद/पटना, 20 जून 2026

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार की मीडिया इकाई प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी), पटना द्वारा आज जहानाबाद के समाहरणालय परिसर स्थित “ग्राम प्लेक्स” में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” अंतर्गत “नक्सलवाद से मुक्ति, सशक्त भारत की शक्ति” विषय पर एकदिवसीय क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला “वार्तालाप” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सीआरपीएफ बिहार सेक्टर के महानिरीक्षक राज कुमार, जिलाधिकारी, जहानाबाद अलंकृता पांडेय, लौकिक पारख, उप निदेशक, पीआईबी, पटना द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

कार्यक्रम की आरंभ में लौकिक पारख, उप निदेशक, पीआईबी, पटना ने विषय प्रवेश कराते हुए “वार्तालाप” की अवधारणा एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मीडिया केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और जनजागरूकता का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने नक्सलवाद उन्मूलन की दिशा में केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास, सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रभावी पहुंच ने नक्सलवाद को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्य अतिथि राज कुमार, महानिरीक्षक, बिहार सेक्टर, सीआरपीएफ, पटना ने इस विषय पर कार्यशाला आयोजित करने के लिए पीआईबी की सराहना करते हुए कहा कि नक्सलवाद से मुक्ति भारत की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि एक समय बिहार के 22 जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे और बिहार, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश से लेकर तेलंगाना तक फैला तथाकथित रेड कॉरिडोर देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती था।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों द्वारा अभियान चलाने के दौरान कई बार यह कल्पना करना भी कठिन लगता था कि नक्सलवाद जैसी गंभीर समस्या का पूर्णतः अंत संभव हो पाएगा। लेकिन केंद्र सरकार के दृढ़ संकल्प, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस, स्थानीय प्रशासन के समन्वित प्रयासों, जनता के सहयोग और मीडिया की जिम्मेदार एवं तथ्यपरक रिपोर्टिंग ने इस चुनौती को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि आज नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता सामूहिक प्रयासों की जीत है और इसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं।

विशिष्ट अतिथि अलंकृता पांडेय, जिलाधिकारी, जहानाबाद ने नक्सलवाद की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसकी शुरुआत एक सीमित क्षेत्र से हुई थी, लेकिन समय के साथ यह कई इलाकों में फैल गया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के उन्मूलन में सुरक्षा एजेंसियों और जवानों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। इस संघर्ष में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार, सुरक्षा बलों और आम जनता के संयुक्त प्रयासों से आज नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब यह सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि ऐसी परिस्थितियां दोबारा उत्पन्न न हों। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से विकास, शांति और जनकल्याण से जुड़ी सकारात्मक कहानियों को प्रमुखता से सामने लाने का आग्रह किया।

इस अवसर पर अपर समाहर्ता, जहानाबाद ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि 1980 के दशक में नक्सलवाद का प्रभाव कितना व्यापक था और लोगों के बीच भय एवं असुरक्षा का वातावरण व्याप्त रहता था। उन्होंने कहा कि आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है तथा जहानाबाद सहित पूरे क्षेत्र में विकास, शांति और विश्वास का वातावरण स्थापित हुआ है। अब नक्सलवाद का नामोनिशान दिखाई नहीं देता और भय का साया समाप्त हो चुका है।

इस अवसर पर पी. कुजूर, उप-महानिरीक्षक, बिहार सेक्टर, सीआरपीएफ, पटना, नरेश कुमार जायसवाल, कमांडेंट, बिहार सेक्टर, सीआरपीएफ, पटना, डीएसपी जहानाबाद, भानु कुमार झा, क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी, सीबीसी तथा पीआईबी, पटना के संदीप कपूर, ज्ञान प्रकाश एवं हितेश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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